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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khandwa: Tilak-bindi-veil and hijab part of our culture, no restrictions, action should be taken against those who insult the tricolor

खंडवा: तिलक-बिंदी-घूंघट और हिजाब हमारी संस्कृति का हिस्सा, नहीं लगे प्रतिबंध, तिरंगे का अपमान करने वालों पर हो कार्रवाई

Fri, 11 Feb 2022 08:11 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 11 Feb 2022 08:11 PM IST
सार

खंडवा में कुछ मुस्लिम युवा हिजाब के पक्ष में ज्ञापन देने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि तिलक-बिंदी-घूंघट हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं इसलिए उसे बैन नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कुछ असामाजिक लोगों ने तिरंगा फहराने वाले डंडे में भगवा ध्वज लगाकर तिरंगे का अपमान किया है। ऐसे छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
 

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Khandwa: Tilak-bindi-veil and hijab part of our culture, no restrictions, action should be taken against those who insult the tricolor
खंडवा में मुस्लिम विकास मंच ने हिजाब के पक्ष में ज्ञापन दिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खंडवा में कुछ मुस्लिम युवा हिजाब के पक्ष में ज्ञापन देने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि तिलक-बिंदी-घूंघट हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं इसलिए उसे बैन नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कुछ असामाजिक लोगों ने तिरंगा फहराने वाले डंडे में भगवा ध्वज लगाकर तिरंगे का अपमान किया है। ऐसे छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद गहराता जा रहा है। देशभर में हिजाब को लेकर प्रदर्शनों का दौर भी जारी है। शुक्रवार को खंडवा के कुछ मुस्लिम युवा हिजाब के समर्थन में ज्ञापन देने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने अपर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की कि हिजाब संस्कृति का हिस्सा है इसलिए इसे बेन नहीं किया जाना चाहिए। मुस्लिम विकास मंच के तहत यह ज्ञापन कार्यक्रम रखा गया था।
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मुस्लिम विकास मंच के अध्यक्ष अशफाक सिघाड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति विभिन्न जाति, पंथ के लोगों से मिलकर बनी है। हमारी संस्कृति में तिलक-बिंदी-घूंघट और हिजाब सभी शामिल है। ऐसे में कोई क्या पहनता है, या किस तरह रहता है और क्या खाता है। यह उसका मूल अधिकार है क्योंकि हमारे संविधान ने उसे यह राइट दिया है। इसलिए क्या पहनना चाहिए किस तरह से रहना चाहिए ये कोई असामाजिक तत्व नहीं करेगा।
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मुस्लिम विकास मंच ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में एक कॉलेज के अंदर भगवा दुपट्टा पहने कुछ उन्मादी युवाओं ने उस जगह भगवा झंडा लहराया जहां तिरंगा झंडा लहराया जाता है। यह बात बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है। क्योंकि यह सीधे तौर पर तिरंगे का अपमान है। जिस जगह पर तिरंगा होना चाहिए वहां किसी भी दूसरे झंडे को लगाने की इजाजत कोई भी भारतीय नहीं देगा। ऐसे में जिन्होंने तिरंगा लगाने की जगह एक धर्म विशेष का झंडा लगाया उन लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
 
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