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MP News: दलित महिला से मारपीट मामले पर सियासत तेज, टीआई समेत छह निलंबित, भोपाल रेल DSP करेंगे जांच

Thu, 29 Aug 2024 08:16 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 29 Aug 2024 08:16 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में दलित महिला से मारपीट मामले में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। वहीं, भाजपा ने इस पर जवाबी हमला बोला है। रेल एसपी सिमाला प्रसाद ने खुद कटनी पहुंचकर मामले की समीक्षा की। टीआई समेत छह को निलंबित किया गया है।  

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MP News Six policemen including TI suspended in case of assault on Dalit woman in Katni
सिमाला प्रसाद (रेल एसपी) और मारपीट करते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कटनी जीआरपी थाने में दलित महिला और नाबालिग के साथ मारपीट मामले में रेल एसपी सिमाला प्रसाद ने टीआई अरुणा वाहने समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि जांच हो रही है। जांच के बाद जो भी दोषी निकलेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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बुधवार देर शाम एक वीडियो सामने आया। इसमें कटनी जीआरपी में पुलिसकर्मी एक दलित महिला कुसुम वंशकार और 15 वर्षीय पोते को बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आते ही कांग्रेस ने इसे लपक लिया और सरकार को घेरना शुरू कर दिया। मामले की समीक्षा करने कटनी पहुंची जबलपुर रेल एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा कि जीआरपी टीआई अरुणा वाहने समेत छह को निलंबित किया है। मामले की जांच भोपाल रेल डीएसपी महेंद्र सिंह कुल्हड़ा को सौंपी गई है। 
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10 महीने पुराना वीडियो कैसे आया सामने?
सामने आया वीडियो अक्टूबर 2023 का है। रेल एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा कि पुलिस फरार अपराधी दीपक वंशकार के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। इसी दौरान यह घटना घटित हुई। मामले की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पुलिस थाने का वीडियो दस महीने बाद बाहर कैसे आया? इसकी भी जांच होगी। 

कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया वीडियो
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर थाना प्रभारी के दफ्तर में मारपीट का वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि कटनी में जीआरपी पुलिस द्वारा एक दलित बच्चे और महिला को बेरहमी से पीटने की घटना बताती है कि मध्यप्रदेश में दलितों का जीवन सुरक्षित नहीं है। रक्षक ही उनके भक्षक बनते जा रहे हैं। सीएम साहब! कब रुकेगा दलितों पर अत्याचार। इसके बाद तो वीडियो वायरल हो गया। रेल एसपी सिमाला प्रसाद ने तत्काल कार्रवाई की और टीआई को लाइन अटैच किया। 




पानी मांगा तो मुंह पर लात मारी
दलित महिला कुसुम वंशकार ने वीडियो सामने आने के बाद कहा कि पुलिस ने हमें थाने बुलाया और बेटे के बारे में पूछताछ की। जब हमने कहा कि हमें नहीं पता, तो खिड़की और दरवाजे बंद कर प्लास्टिक वाले डंडे और लातों-जूते से मारा। पूरी रात मारे जब हम लेट जाएं तो फिर से उठा-उठाकर मारा। हम चिल्लाते रहे। किसी का दिल नहीं पसीजा। जब हमने पीने के लिए पानी मांगा तो मुंह पर लात मारी। पुलिस वाले तो यह भी बोले कि मर जाएगी। मैंने उनसे कहा कि मार ही डालो। हम सिविल अस्पताल में पांच दिन भर्ती रहे। कलेक्टर ऑफिस में आवेदन भी दिया था। कुछ नहीं हुआ। 

भीम आर्मी चीफ बोले- ये है भाजपा के कुशासन का असली दलित प्रेम
कांग्रेस ने इस मामले में सरकार पर हमला बोला है। भीम आर्मी के चीफ और सासंद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिसमें चोरी के नाम पर किसी भी असहाय परिवार से नाबालिग बच्चे और बुजुर्ग मां को उठा लो, फिर उन पर अपनी वर्दी की भड़ास निकाल दो।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को कहा कि इस घटना से साफ है कि बीजेपी दलित विरोधी है। मुख्यमंत्री बीजेपी कार्यकर्ताओं को छूट देते हैं कि तुम दलितों के चेहरे पर पेशाब करो, उनको पेशाब पिलाओ। उनको उल्टा लटकाओ। घसीट-घसीटकर मारो। पुलिस को भी दलितों पर अत्याचार-अनाचार करने की छूट है। आरोपी टीआई पर एफआईआर क्यों नहीं की गई? पुलिस पर जिसने हमला किया, उनके मकान तोड़े गए। अब पुलिस ने दलितों पर अत्याचार किया, क्या उनका मकान तोड़ा जाएगा?

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि "अब तो खुद राष्ट्रपति जी ही महिला उत्पीड़न को लेकर चिंतित हैं। भाजपा सरकार को अब जाग जाना चाहिए! मप्र में दलित उत्पीड़न की बेलगाम घटनाओं पर अंकुश लगाना चाहिए! दलितों को मारना, पेशाब पिलाना, अपमानित करना, झूठे मुकदमों में फंसाना, गंभीर चोट पहुंचाना, यहां तक की हत्या ही कर देना - मेरे मध्य प्रदेश में सामान्य घटना हो चुकी है! मुख्यमंत्री चुप हैं! क्यों?"

राहुल गांधी से बात कराएंगे पटवारी
PCC चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, सोशल मीडिया प्रदेशाध्यक्ष मुकेश नायक कटनी में पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात करने वाले हैं। वह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से पीड़ित परिवार के मोबाइल फोन में चर्चा कर सकते हैं। फिलहाल, पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से लेकर विश्वास सारंग ने पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मामले की जांच करने की बात कही है।

कौन है दीपक वंशकार
मामला दीपक वंशकार से जुड़ा है। सिमाला प्रसाद के अनुसार वह एक हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2017 से ही वह निगरानीशुदा बदमाशों की सूची में है। 2023 में चोरी के एक मामले में उसकी तलाश थी। उस पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसी सिलसिले में उसके परिजनों को थाने लाया गया था। अप्रैल 2024 में उसे कटनी से जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी को लिखा पत्र
वहीं, इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी ट्वीट किया, एनसीडब्ल्यू ने कटनी, एमपी में एक परेशान करने वाली घटना को गंभीरता से लिया है। जहां एक महिला और उसके 15 साल के पोते को जीआरपी अधिकारियों की तरफ से कथित तौर पर पीटा गया था।' आयोग ने राज्य के डीजीपी को पत्र लिखकर त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है, तीन दिन के अंदर रिपोर्ट दी जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

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कटनी पहुंचे जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला

पीड़ित दादी-पोते के साथ थाने पहुंचे जीतू पटवारी
कटनी के जीआरपी थाने में दलित महिला की बेरहमी से पिटाई के मामले में मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल सा ला दिया है। मामले को लेकर खुद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज कटनी पहुंचे हैं। जहां झर्रा टिकुरिया स्तिथ कुसुम वंशकार परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
 



बता दें कि वे पीड़िता और उसके नाती को लेकर रंगनाथ थाने में GRP TI व साथी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध FIR दर्ज कराने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। वहीं, जीतू पटवारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

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