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उज्जैन में बोले कालीचरण: कैसा पछतावा, मैंने जो कहा सोच-समझकर कहा, देवास में छग सरकार को दयालु बताया
Sun, 10 Apr 2022 05:37 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 10 Apr 2022 05:37 PM IST
सार
कालीचरण महाराज ने देवास में कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार दयालु है, इंदिरा सरकार के नक्शेदकम पर नहीं है, वरना एनकाउंटर कर देती। उज्जैन में कहा कि मैने जो कुछ कहा है उसका कोई पश्चाताप नहीं है।
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देवास में माता तुलजा भवानी का पूजन करते कालीचरण महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज ने व्यंग्यात्मक रूप से छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की तारीफ की है। कहा है कि छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार इंदिरा सरकार के नक्शेकदम पर बिल्कुल नहीं है। वह दयालु है कि मेरा एनकाउंटर नहीं किया। इधर उज्जैन पहुंचकर कालीचरण ने कहा कि जिस व्यक्ति ने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह महाराज, महाराणा प्रताप को पथभ्रष्ट कहा, उससे मैं नफरत करता हूं।
कालीचरण महाराज महाष्टमी की रात को देवास पहुंचे थे। यहां माता तुलजा भवानी और चामुंडा माता के दर्शन किए। इसके पहले अपने समर्थकों से मिले। कई जगह उनका स्वागत हुआ। मीडिया से चर्चा में कालीचरण महाराज ने कहा कि
छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार इंदिरा सरकार के नक्शे कदम पर बिल्कुल नहीं है। वह काफी दयालु है। उन्होंने मेरा एनकाउंटर नहीं किया। हिंदुत्व का काम करने के लिए मुझे जिंदा छोड़ दिया। उन्होंने हर तरफ मेरी सुकीर्ति फैला दी। इंदिरा सरकार ने 1966 में संसद के सामने 5 हजार साधुओं का कत्ल करवाया था। सन 1984 में गुरु अर्जुन सिंह महाराज के शहीदी पर्व में शामिल होने अमृतसर आए 10 लाख श्रद्धालुओं में से 3 हजार श्रद्धालुओं को गोलीबारी में मार डाला था। अब छत्तीसगढ़ सरकार अगर इंदिरा के नक्शे कदम पर चलती तो मेरा एनकाउंटर उनके लिए मच्छर मारने जैसा होता, लेकिन यह सरकार बड़ी दयालु है। हिंदुत्व का काम करने के लिए मुझे जिंदा छोड़ दिया। रायसेन के किले में ताले में कैद भगवान शंकर से जुड़े सवाल पर कालीचरण ने कहा कि ताले खोल देने चाहिए। मंदिर भक्तों की श्रद्धा को अर्पण करने के लिए होता है। उमा भारती जी 11 अप्रैल को मंदिर का ताला खोलने के लिए जा रही हैं, इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता। साध्वी जहां जाएंगी, वहां क्रांति तो होगी ही।
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उज्जैन में दोहराया- नहीं है कोई पश्चाताप
देवास के बाद उज्जैन में भी कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को लेकर अशोभनीय बात कही। उज्जैन पहुंचे कालीचरण महाराज ने कहा कि जिस व्यक्ति ने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह महाराज, महाराणा प्रताप को पथभ्रष्ट कहा, उससे मैं नफरत करता हूं। कालीचरण महाराज उज्जैन में महाकालेश्वर, गढ़कालिका माता और हरसिद्धि, अगस्त्येश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे थे। महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान के बारे में उनसे सवाल किया गया था जिसके बारे में कहा कि मेरे विचार सोचे-समझे बोले गए हैं, उनका कोई पश्चाताप नहीं है।
हाल ही में जेल से छूटे हैं
बता दें कि कालीचरण हाल ही में रायपुर जेल से रिहा हुए हैं। वे पिछले दिनों इंदौर पहुंचे थे, जहां उनका स्वागत हुआ था। हालांकि इस दौरान उनका तलवार और हंसिया लहराते हुए वीडियो वायरल हुआ था जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। कालीचरण महाराज ने रायपुर में दिसंबर 2021 में आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की थी और नाथूराम गोडसे की तारीफ की थी। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
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कालीचरण महाराज महाष्टमी की रात को देवास पहुंचे थे। यहां माता तुलजा भवानी और चामुंडा माता के दर्शन किए। इसके पहले अपने समर्थकों से मिले। कई जगह उनका स्वागत हुआ। मीडिया से चर्चा में कालीचरण महाराज ने कहा कि
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छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार इंदिरा सरकार के नक्शे कदम पर बिल्कुल नहीं है। वह काफी दयालु है। उन्होंने मेरा एनकाउंटर नहीं किया। हिंदुत्व का काम करने के लिए मुझे जिंदा छोड़ दिया। उन्होंने हर तरफ मेरी सुकीर्ति फैला दी। इंदिरा सरकार ने 1966 में संसद के सामने 5 हजार साधुओं का कत्ल करवाया था। सन 1984 में गुरु अर्जुन सिंह महाराज के शहीदी पर्व में शामिल होने अमृतसर आए 10 लाख श्रद्धालुओं में से 3 हजार श्रद्धालुओं को गोलीबारी में मार डाला था। अब छत्तीसगढ़ सरकार अगर इंदिरा के नक्शे कदम पर चलती तो मेरा एनकाउंटर उनके लिए मच्छर मारने जैसा होता, लेकिन यह सरकार बड़ी दयालु है। हिंदुत्व का काम करने के लिए मुझे जिंदा छोड़ दिया। रायसेन के किले में ताले में कैद भगवान शंकर से जुड़े सवाल पर कालीचरण ने कहा कि ताले खोल देने चाहिए। मंदिर भक्तों की श्रद्धा को अर्पण करने के लिए होता है। उमा भारती जी 11 अप्रैल को मंदिर का ताला खोलने के लिए जा रही हैं, इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता। साध्वी जहां जाएंगी, वहां क्रांति तो होगी ही।
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उज्जैन में दोहराया- नहीं है कोई पश्चाताप
देवास के बाद उज्जैन में भी कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को लेकर अशोभनीय बात कही। उज्जैन पहुंचे कालीचरण महाराज ने कहा कि जिस व्यक्ति ने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह महाराज, महाराणा प्रताप को पथभ्रष्ट कहा, उससे मैं नफरत करता हूं। कालीचरण महाराज उज्जैन में महाकालेश्वर, गढ़कालिका माता और हरसिद्धि, अगस्त्येश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे थे। महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान के बारे में उनसे सवाल किया गया था जिसके बारे में कहा कि मेरे विचार सोचे-समझे बोले गए हैं, उनका कोई पश्चाताप नहीं है।
हाल ही में जेल से छूटे हैं
बता दें कि कालीचरण हाल ही में रायपुर जेल से रिहा हुए हैं। वे पिछले दिनों इंदौर पहुंचे थे, जहां उनका स्वागत हुआ था। हालांकि इस दौरान उनका तलवार और हंसिया लहराते हुए वीडियो वायरल हुआ था जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। कालीचरण महाराज ने रायपुर में दिसंबर 2021 में आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की थी और नाथूराम गोडसे की तारीफ की थी। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
