सीएए पर बोले विजयवर्गीय- संविधान पढ़ें कमलनाथ, ममता खो चुकीं मानसिक संतुलन
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के अपने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू न करने को लेकर दिए बयान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले संविधान पढ़ लेना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि सभी राज्य सीएए को लागू करने के लिए बाध्य हैं।
विजयवर्गीय ने बुधवार को कहा, 'उन्हें (कमलनाथ) को पहले हमारे देश का संविधान पढ़ लेना चाहिए। जैसे ही संसद किसी विधेयक को पास करती है और वह कानून बन जाता है तो सभी राज्य उसे संविधान के अनुच्छेद 252 के तहत लागू करने के लिए बाध्य होते हैं।' भारत के संविधान का भाग 11, जिसमें अनुच्छेद 245 से अनुच्छेद 263 शामिल हैं, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच संबंधों को निर्धारित करता है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति असंवैधानिक बातें कर रहा है। उन्होंने कहा, 'राजनीति केवल एक चीज है। हालांकि कांगेस केवल अपनी सत्ता और वोट बैंक को लेकर चिंतित है। वह देश के बारे में नहीं सोच रहे हैं।'
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के नए नागरिकता कानून के विरोध के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा जो भी करती है वह उसका विरोध करते हैं। उन्होने कहा, 'ओवैसी हमेशा ऐसा करते हैं। यदि भाजपा कहेगी की दूध सफेद होता है तो वह कहेंगे नहीं काला होता है। जिस दिन वह कानून को समझने की कोशिश करेंगे, उसे समझ जाएंगे। वह एख बुद्धिमान व्यक्ति हैं। लेकिन जब तक वह समझना नहीं चाहते, ऐसे में कोई कुछ नहीं कर सकता।'
भाजपा महासचिव ने कहा कि सीएए लोगों के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि समझदार लोग सीएए का विरोध नहीं करेंगे। पिछले कुछ दिनों में विपक्ष ने जिस तरह से देश में शांति को बाधित करने की कोशिश की है, उससे निपटने के लिए हम लोगों की चिंताओं को भी संबोधित कर रहे हैं।
ममता का मानसिक संतुलन बिगड़ा : विजयवर्गीय
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ छात्रों को आंदोलन जारी रखने की सलाह देने वाली ममता बनर्जी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ममता बनर्जी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। सीएए के बाद घुसपैठियों की पहचान हो जाएगी और उनका वोट बैंक प्रभावित होगा। वह अपना आधार खो रही हैं इसीलिए उनका मानसिक संतुलन बिगड़ दिया है, उन्हें मेडिकल परीक्षण की जरूरत है।'
