फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Kailash regrets his remark on scribe

शिवराज के मंत्री बोले- 'पत्रकार हमसे बड़ा है क्या?'

Mon, 06 Jul 2015 02:12 PM IST
Updated Mon, 06 Jul 2015 02:12 PM IST
विज्ञापन
Kailash regrets his remark on scribe

व्यापम घोटाले के कारण राजनीतिक अखाड़े में घिरी शिवराज सिंह सरकार के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

विज्ञापन


इस मामले की कवरेज कर रहे आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "पत्रकार-वत्रकार छोड़ दो यार पत्रकार हमसे बड़ा है क्या?"
विज्ञापन


मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा कराता है. आरोप हैं कि इन परीक्षाओं में कई सालों तक कथित तौर पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ.
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एसआईटी इस घोटाले की जांच कर रही है. इस मामले से जुड़े 30 से ज़्यादा अभियुक्तों और जांच करने वालों की एक के बाद एक मौत हुई है और ये बात एसआईटी भी मानती है.

मंत्री ने दी सफ़ाई

Kailash regrets his remark on scribe

मीडिया में इस टिप्पणी की आलोचना के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि उनके बयान का ग़लत मतलब निकाला जा रहा है.

उधर अक्षय सिंह का रविवार को दिल्ली में अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी शामिल हुए.राहुल गांधी के दफ़्तर की ओर से ट्वीट किया गया, "अक्षय सिंह की माँ, पिता और बहन से मिलकर दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में मेरी प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं."

रविवार को ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा दिल्ली एक होटल में मृत पाए गए. उनकी मौत भी संदिग्ध मानी जा रही है.

वहीं आम आदमी पार्टी व्यापमं घोटाले के ख़िलाफ़ 11 जुलाई को देश भर में प्रदर्शन करेगी. पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि वह क़ानूनी हस्तक्षेप के विकल्प भी तलाश रही है.

कांग्रेस ने भी व्यापम घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जाँच की माँग की है. सोमवार सुबह पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने व्यापमं घोटाले पर ट्वीट करते हुए कहा है, "व्यापम से यह सबक मिला है कि कोर्ट की निगरानी स्वतंत्र जाँच की गारंटी नहीं है. अंततः ज़िम्मेदारी कार्यपालिका की ही है. अगली संदिग्ध मौत से पहले मध्य प्रदेश सरकार को सीबीआई जाँच के आदेश दे देने चाहिए."

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed