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जूनियर्स में खौफः सीनियर्स की मर्जी से पहनते हैं कपड़े

Fri, 09 Aug 2013 12:31 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 09 Aug 2013 12:31 PM IST
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juniors facing problem due to ragging in indore

रैगिंग रोकने के तमाम दावे और प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के एक कॉलेज में सीनियर्स का ऐसा खौफ है कि जूनियर्स कपड़े भी उन्हीं की मर्जी से पहने रहे हैं ओर कॉलेज प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है।

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इंदौर के एक एग्रीकल्चर कॉलेज में सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर्स के लिए ड्रेसकोड तय कर दिया है।

यहां बीएससी फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को हिदायत दी गई है कि सफेद शर्ट और काला ट्राउजर पहनकर ही कॉलेज में आएं। ऐसा न करने पर उन्हें पीटने की धमकी दी गई है। इस कारण ज्यादातर विद्यार्थी ड्रेसकोड का पालन भी कर रहे हैं।
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सीनीयर्स की मनमानी से नहीं मिला हॉस्टल
इसके अलावा जूनियर्स के लिए कुछ और भी दिशानिर्देश तय कर दिए गए हैं। कॉलेज में जूनियर किसी भी सीनियर से आंख मिलाकर बात नहीं कर सकते। साथ ही उन्हें आते-जाते विश करना भी जरूरी है।
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सीनियर्स के इस दुर्व्यवहार के चलते नए विद्यार्थियों को होस्टल में भी जगह नहीं मिल पाई है। वॉर्डन का कहना है कि सीनियर्स को काबू में रखना मुश्किल था इसलिए पहले साल जूनियर्स को बाहर ही रहने के लिए कहा गया है।

सीनियर स्टूडेंट्स की मनमानी पर रोक लगाने के बजाए डीन ने रैगिंग होने से ही इंकार किया है।

कॉलेज के बाहर होती है रैगिंग
सीनियर्स कॉलेज के बाहर भी जूनियर स्टूडेंट्स का इंट्रो लेते हैं और जो इससे इंकार करता है उसे बुरा भला कहकर मारपीट करने लगते हैं।

साथ ही स्टूडेंट्स के मुताबिक कॉलेज में रैगिंग रोकने के उपाय नहीं किए गए हैं।

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