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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Janmashtami 2025: Lord Krishna based movies were shown in Indore's cinema halls

Indore News:जन्माष्टमी पर सिनेमाघरों में लगती थी कृष्ण आधारित फिल्में, अडसुले ने बनाया था श्रीकृष्ण टाकीज

Sat, 16 Aug 2025 08:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 16 Aug 2025 08:38 PM IST
सार

इंदौर के सिनेमाघरों में अंतिम शो, जो रात 12 बजे छूटता था, उसे जन्माष्टमी के दिन पंद्रह मिनिट पहले छोड़ दिया जाता था और जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाता था तथा प्रसाद वितरण होता था।

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Janmashtami 2025: Lord Krishna based movies were shown in Indore's cinema halls
नरहर बालकृष्ण अडसुले ने 1922 में बनवाया था श्रीकृष्ण टाकीज - फोटो : amar ujala

विस्तार

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व इंदौर नगर में काफी धूमधाम से मनाया जाता है। अतीत में इंदौर के सिनेमाघरों में भी इस मौके पर श्रीकृष्ण पर आधारित फिल्में खासतौर से प्रदर्शित की जाती थीं और आधी रात को भगवान के जन्म के मौके पर सिनेमाघरों में आरती का आयोजन किया था। वह अलग ही दौर था, जब धार्मिक फिल्मों को देखने बड़ी संख्या में लोग सिनेमाघरों में जाते थे। इंदौर में सिनेमाघर की शुरुआत नरहर बालकृष्ण अडसुले ने तोपखाने के समीप श्रीकृष्ण टाकीज बनाकर की थी। 

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पहली फिल्म कालिया मर्दन लगी थी
जानकारों के अनुसार अडसुले ने अपनी आटा चक्की का व्यवसाय छोड़कर 1922 में इंदौर में श्रीकृष्ण सिनेमा घर का निर्माण बांस, टीन और खप्परों को जोड़ कर किया था। इसका नाम उन्होंने श्रीकृष्ण के नाम पर ही रखा था। इसी सिनेमा घर में पहली मूक फिल्म 'कालिया मर्दन' दिखाई गई थी और पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' भी प्रदर्शित की गई थी। हालांकि, अब श्रीकृष्ण टाकीज नहीं रहा। मल्टीप्लेक्स के दौर में यह बंद हो गया है। इस जमीन पर अब व्यावसायिक इमारत बन गई है।
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जन्माष्टमी पर टाकीजों में होते थे विशेष आयोजन 
इंदौर के सिनेमाघरों में अंतिम शो, जो रात 12 बजे छूटता था, उसे जन्माष्टमी के दिन पंद्रह मिनिट पहले छोड़ दिया जाता था और जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाता था तथा प्रसाद वितरण होता था। एक दर्शक विनोद जोशी के अनुसार मैंने स्वयं ने जन्माष्टमी पर सिनेमागृहों के अंतिम शो के बाद पूजन और प्रसाद वितरण होते देखा है। नगर में जन्माष्टमी के अवसर पर कई सिनेमाघरों में श्रीकृष्ण से जुडी फिल्मों का खासतौर से प्रदर्शन होता रहा। हालांकि, बाद में यह परंपरा बंद हो गई। 
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महाराजा और श्रीकृष्ण सिनेमाघरों में होते थे विशेष आयोजन 
इंदौर के दो सिनेमाघरों श्रीकृष्ण और महाराजा में जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन होते थे। एक संयोग रहा कि इन सिनेमाघरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कृष्ण चरित्र से जुड़ी फिल्में प्रदर्शित की जाती थीं। उस दौर में धार्मिक फिल्मों का एक अलग की क्रेज था। 1938 में गोपाल कृष्ण फिल्म का प्रदर्शन श्रीकृष्ण टाकीज में हुआ था और रात्रि में 12 बजे विशेष आयोजन और पूजा हुई थी। बाद ने महाराजा टाकीज में जय राधे कृष्ण (1974) और नवीन चित्रा टाकीज में बलराम श्रीकृष्ण (1968) फिल्म का प्रदर्शन हुआ था।

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