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Satta Ka Sangram: जबलपुर के युवाओं ने आरक्षण पर की बात, बोले- एमपी में नौकरी पाना संजीवनी बूटी पाने के जैसा
Sat, 13 Apr 2024 01:43 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:43 PM IST
सार
Satta Ka Sangram: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में है। यहां सुबह लोगों के साथ चाय पर चर्चा की गई। दोपहर में युवाओं से मुद्दे जाने गए। अब शाम को राजनीतिक दलों के नेता सवालों के जवाब देंगे। पढ़िए क्या बोले युवा?
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जबलपुर में युवाओं से चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमर उजाला के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' की शुरुआत नौ अप्रैल को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हुई। आज शनिवार को दिन भर जबलपुर लोकसभा क्षेत्र में सत्ता का संग्राम जारी है। यहां लोकसभा सीट के लिए भाजपा से आशीष दुबे तथा कांग्रेस से दिनेश यादव प्रत्याशी हैं। सुबह लोगों के साथ चाय पर चर्चा की गई, जिसमें लोगों ने दिल खोलकर अपनी बात रखी। वहीं, दोपहर में युवाओं से चर्चा की गई।
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श्रेया तिवारी ने कहा, हमारे यहां बीजेपी की सरकार है। लेकिन अगर निचले स्तर पर देखा जाए तो कोई सुधार नहीं हुआ है। मुझे सबसे बड़ा चैलेंज बेरोजगारी और गरीबी ही दिखती है। आरक्षण को लेकर तिवारी ने कहा, आरक्षण को आर्थिक आधार पर देखा जाए न कि जाति आधार पर।
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श्रेया श्रीवास्तव ने कहा, रोजगार के अवसर खूब हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोगों तक सही से जानकारी नहीं पहुंच पाती। वहीं, एक अन्य छात्रा ने कहा, रोजगार सभी को मिलना चाहिए। सरकार को वैकेंसी निकालनी चाहिए, जिससे की सभी को मौका मिल सके।
युवाओं ने कहा, बेरोजगारी के लिए और युवाओं के लिए किसी भी सरकार में कोई दम नहीं दिखाई देता। 2017 के बाद से अब तक एसआई की भर्ती नहीं आई। जब वैकेंसी आती भी है, तो लोग एक-दो नंबर से चूक जाते हैं। सरकारी नौकरी पाना, संजीवनी बूटी पाने के बराबर है।
