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Jabalpur: कर्मचारी की विधवा से वसूली पर रोक, कैट ने नोटिस जारी कर अनावेदकों से मांगा जवाब
Mon, 05 Dec 2022 09:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 05 Dec 2022 09:51 PM IST
सार
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रेलवे से रिटायर्ड कर्मी ओमशंकर यादव (अब स्वर्गीय) की पेंशन से दस लाख की रिकवरी किए जाने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रेलवे से रिटायर्ड कर्मी ओमशंकर यादव (अब स्वर्गीय) की पेंशन से दस लाख की रिकवरी किए जाने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है। कैट के न्यायिक सदस्य अखिल कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि रायसेन औबेदुल्लागंज निवासी सावित्री बाई व उनके पुत्रों की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उनके पति ओमशंकर यादव 2004 में पश्चिम मध्य रेल विभााग के अंतर्गत केबिन मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। जिसके बाद उन्हें नवंबर 2020 तक पेंशन प्राप्त होती रही। इसके बाद पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर के वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक द्धारा सातवें वेतन आयोग की गणना अनुसार ओमशंकर यादव से 10 लाख 2 हजार 239 रुपये की वसूली के लिए 152 मासिक किश्तों के आदेश पारित कर दिए गए।
सेवानिवृत्त ओमशंकर यादव ने कई शिकायतें रेलवे विभाग को दी, इसके उपरांत वर्ष 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने वसूली रोकने कई आवेदन रेलवे विभाग को दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार कैट की शरण ली गई। न्यायालय ने अंतरिम राहत देते हुए वसूली पर रोक लगाते हुए अनावेदक रेलवे विभाग सहित अन्य को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आनंद चावला ने पक्ष रखा।
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बता दें कि रायसेन औबेदुल्लागंज निवासी सावित्री बाई व उनके पुत्रों की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उनके पति ओमशंकर यादव 2004 में पश्चिम मध्य रेल विभााग के अंतर्गत केबिन मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। जिसके बाद उन्हें नवंबर 2020 तक पेंशन प्राप्त होती रही। इसके बाद पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर के वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक द्धारा सातवें वेतन आयोग की गणना अनुसार ओमशंकर यादव से 10 लाख 2 हजार 239 रुपये की वसूली के लिए 152 मासिक किश्तों के आदेश पारित कर दिए गए।
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सेवानिवृत्त ओमशंकर यादव ने कई शिकायतें रेलवे विभाग को दी, इसके उपरांत वर्ष 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने वसूली रोकने कई आवेदन रेलवे विभाग को दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार कैट की शरण ली गई। न्यायालय ने अंतरिम राहत देते हुए वसूली पर रोक लगाते हुए अनावेदक रेलवे विभाग सहित अन्य को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आनंद चावला ने पक्ष रखा।
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