फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: High Court strict on Nagar Palika Parishad's illegal occupation, mutton market compensation

Jabalpur News: अवैध कब्जे पर हाईकोर्ट सख्त, नगर पालिका परिषद को मटन मार्केट हटाने और मुआवजा देने के आदेश

Sat, 14 Dec 2024 11:02 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 14 Dec 2024 11:02 PM IST
सार

Jabalpur News: हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने सुनवाई के दौरान कहा कि जमीन पर कब्जा मनमाने ढंग से और बिना किसी विधिक प्रक्रिया के किया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि नगर पालिका तीन दिनों के भीतर जमीन से दुकानें हटाए। पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Jabalpur: High Court strict on Nagar Palika Parishad's illegal occupation, mutton market compensation
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एमपी हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर मटन मार्केट स्थापित करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने तीन दिनों में दुकानें हटाने और बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही, संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

विज्ञापन

 
याचिकाकर्ता की शिकायत
गाडरवारा निवासी माखन लाल कोरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनकी एक एकड़ से अधिक निजी भूमि पर नगर पालिका ने अवैध कब्जा कर लिया। फिर वहां मटन मार्केट का निर्माण कर दिया। माखन लाल ने यह भी कहा कि जमीन अधिग्रहण के लिए न तो कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई और न ही उन्हें मुआवजा प्रदान किया गया।
विज्ञापन

 
नगर पालिका का पक्ष
याचिका के जवाब में, नगर पालिका ने दावा किया कि खुले में मांस और मटन की बिक्री पर प्रतिबंध के मद्देनजर मटन मार्केट स्थापित करने के लिए जमीन कब्जे में ली गई। हालांकि यह प्रक्रिया याचिकाकर्ता की सहमति और उचित मुआवजे के बिना पूरी की गई, जो अदालत की नजर में अवैध पाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने सुनवाई के दौरान कहा कि जमीन पर कब्जा मनमाने ढंग से और बिना किसी विधिक प्रक्रिया के किया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि नगर पालिका तीन दिनों के भीतर जमीन से दुकानें हटाए। याचिकाकर्ता को जमीन के उपयोग के लिए बाजार भाव के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाए। और याचिकाकर्ता को नगर पालिका परिषद से ₹25,000 की लागत वसूलने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिया गया कि यह जांच करें कि किस अधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

 
विधिक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य
हाईकोर्ट के आदेश ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए भूमि अधिग्रहण करते समय विधिवत प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। इस मामले में, बिना सहमति और मुआवजे के निजी भूमि पर कब्जा करना संविधान और कानून के खिलाफ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed