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MP News: सिमी आतंकी पर एक हजार की कॉस्ट, सुनवाई के दौरान किसी के उपस्थित नहीं होने पर हाईकोर्ट नाराज
Wed, 21 Dec 2022 08:32 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 21 Dec 2022 08:32 PM IST
सार
बुधवार को सुनवाई के दौरान सिमी आतंकी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस अंजली पॉलो ने एक हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सिमी आंतक अबु फैजल तथा साजिद उर्फ शेरू ने मंदसौर बैंक डकैती मामले में हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दायर की थी। पूर्व में याचिका की सुनवाई के दौरान आरोपी साजिद की अस्थायी जमानत के लिए पिता ने बेटी की शादी का फर्जी कार्ड पेश किया था। हाईकोर्ट ने फर्जी शादी के कार्ड मामले में सिमी आतंकी के पिता को हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए थे। याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान सिमी आतंकी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस अंजली पॉलो ने एक हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
गौरतलब है कि डकैती कांड ने न्यायालय ने साल 2018 में सिमी सरगना अबु फैजल सहित तीन आतंकियों को उम्र कैद की सजा से दंडित किया था। इसके खिलाफ दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सिमी आतंकी साजिद की अस्थायी जमानत के लिए उसके पिता ने बेटी कर शादी का फर्जी कार्ड प्रस्तुत किया था। जिसे गंभीरता से लेते हुए विवाह के संबंध में पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि अब्दुल सत्तार की बेटी का विवाह एक साल पूर्व हो गया है। उससे तरफ से पेश किया गया शादी का कार्ड फर्जी है और उसकी बेटी की शादी नहीं है।
जिसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने पिता को तलब किया था। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए हलफनामा में जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए थे। अब्दुल सत्तार ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हलफनामा पेश करने समय प्रदान करने का आग्रह किया था। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान हलफनामा के संबंध में पारित आदेश वाली युगलपीठ के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को सुनवाई के दौरान संबंधित युगलपीठ के समक्ष सिमी आतंकी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिसे गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने एक हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
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गौरतलब है कि डकैती कांड ने न्यायालय ने साल 2018 में सिमी सरगना अबु फैजल सहित तीन आतंकियों को उम्र कैद की सजा से दंडित किया था। इसके खिलाफ दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सिमी आतंकी साजिद की अस्थायी जमानत के लिए उसके पिता ने बेटी कर शादी का फर्जी कार्ड प्रस्तुत किया था। जिसे गंभीरता से लेते हुए विवाह के संबंध में पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि अब्दुल सत्तार की बेटी का विवाह एक साल पूर्व हो गया है। उससे तरफ से पेश किया गया शादी का कार्ड फर्जी है और उसकी बेटी की शादी नहीं है।
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जिसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने पिता को तलब किया था। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए हलफनामा में जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए थे। अब्दुल सत्तार ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हलफनामा पेश करने समय प्रदान करने का आग्रह किया था। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान हलफनामा के संबंध में पारित आदेश वाली युगलपीठ के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को सुनवाई के दौरान संबंधित युगलपीठ के समक्ष सिमी आतंकी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिसे गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने एक हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
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