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एमपी हाईकोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, 45 होगी न्यायाधीशों की संख्या

Tue, 27 Oct 2026 08:39 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Tue, 27 Oct 2026 08:39 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर को हुई बैठक में सात अधिवक्ताओं को जज बनाने की सिफारिश मंजूर की है। नियुक्तियों पर केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की अधिसूचना के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 38 से बढ़कर 45 हो सकती है।

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MP High Court: Collegium Recommends Seven Advocates as Judges; 15 Posts Remain Vacant Across State
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई बैठक के बाद कॉलेजियम ने आधिकारिक बयान जारी कर इन नियुक्तियों की अनुशंसा की। इस कदम से उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी, जिससे लंबित मुकदमों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
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इन अधिवक्ताओं की हुई अनुशंसा
कॉलेजियम ने जिन सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनाने की मंजूरी दी है, उनमें इंदौर के डॉ. विवेक शरण, ग्वालियर के राजेश कुमार शुक्ला और इंदौर की भक्ति व्यास शामिल हैं। इनके अलावा जबलपुर से कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह, श्रेयस पंडित और अविनाश जरगर के नाम पर मुहर लगी है। सातवें अधिवक्ता के रूप में नई दिल्ली के मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजुमदार के नाम की सिफारिश की गई है। इन सभी अधिवक्ताओं को न्यायाधीश पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।
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स्वीकृत पदों और रिक्तियों का गणित
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में केवल 38 न्यायाधीश ही कार्यरत हैं, जिसके कारण 15 पद खाली थे। सात नए न्यायाधीशों की पदोन्नति और औपचारिक नियुक्ति के बाद कुल कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 45 हो जाएगी। इसके बावजूद स्वीकृत क्षमता के मुकाबले आठ पद खाली रहेंगे। इस वृद्धि से न्यायालय के कार्यभार में कुछ राहत मिलने और मुकदमों के त्वरित निस्तारण की संभावना जताई जा रही है।
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कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद अब केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय और राष्ट्रपति भवन के स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। वहां से औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही सातों अधिवक्ता पद की शपथ लेंगे और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे।
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