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Jabalpur News: डीजे पर हाईकोर्ट की सरकार को फटकार, कहा-निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं, नियमों का पालन जरूरी
Wed, 22 Jan 2025 09:36 AM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2025 09:36 AM IST
सार
अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि दिन के समय डीजे की अधिकतम आवाज 55 डेसिबल और रात के समय 45 डेसिबल होनी चाहिए। इससे अधिक आवाज ध्वनि प्रदूषण फैलाती है और लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है।
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high court
विस्तार
जबलपुर हाईकोर्ट में डीजे की तेज आवाज से मानव समुदाय को शारीरिक नुकसान और सामुदायिक दंगे भड़कने के मामलों को चुनौती देते हुए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री ने डीजे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, उनका पालन सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
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अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि दिन के समय डीजे की अधिकतम आवाज 55 डेसिबल और रात के समय 45 डेसिबल होनी चाहिए। इससे अधिक आवाज ध्वनि प्रदूषण फैलाती है और लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है। याचिका में यह भी कहा गया कि वर्तमान में केवल कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
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याचिकाकर्ता ने बताया कि ट्रकों में 20 फीट तक साउंड सिस्टम लगाकर डीजे बजाए जाते हैं, जिससे लोगों के कान खराब हो रहे हैं। इसके अलावा, डीजे बजाने के कारण कई स्थानों पर सांप्रदायिक दंगे भी भड़क चुके हैं, जिनका मुख्य कारण डीजे पर बजाए जाने वाले गाने हैं, जिन पर रोक नहीं लगाई जाती।
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याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर बिंदुवार जवाब प्रस्तुत करें। याचिका पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष स्वयं रखा।
