{"_id":"629ebc5f7fe1c860a93e76c6","slug":"jabalpur-uncle-imprisoned-wife-and-daughter-of-youth-who-went-to-dubai-for-job-notice-issued-on-bonded-corpus-petition","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: नौकरी करने दुबई गए युवक की पत्नी व बेटी को चाचा ने किया कैद, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: नौकरी करने दुबई गए युवक की पत्नी व बेटी को चाचा ने किया कैद, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर नोटिस जारी
Tue, 07 Jun 2022 08:17 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 07 Jun 2022 08:17 AM IST
सार
जबलपुर के युवक ने अपने चाचा पर पत्नी व बेटी को कैद करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। युवक कोरोनाकाल के पहले नौकरी करने दुबई गया था, इस दौरान पत्नी व बेटी को चाचा के पास छोड़ गया था, जिसे चाचा ने कैद कर लिया है।
विज्ञापन
Jabalpur High Court
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जबलपुर का रहने वाला एक मुस्लिम युवक काम करने दुबई गया तो युवक के चाचा ने उसकी पत्नी और बेटी को घर में बंधक बना लिया। इस मामले में हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि चाचा ससुर उसकी पत्नी पर गंदी नजर रखता है और शादी करना चाहता है। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस नंदिता दुबे की युगलपीठ ने अनावेदक चाचा ससुर को नोटिस जारी करते हुए सरकार को स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने समय प्रदान किया है।
याचिकाकर्ता आई अहमद की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि वह मूलत: जबलपुर के घमापुर क्षेत्र का निवासी है। लॉक डाउन लगने के पहले उसकी दुबई में जॉब लग गयी थी। पत्नी व छह साल की बेटी को दुबई ले जाने के लिए उसने पासपोर्ट बनना लिये थे। लॉक डाउन लगने के कारण पत्नी व बच्ची को अपने ससुर के पास छोड़ गया था। उसे ससुर का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। जनवरी 2022 तक फोन पर उसकी बात पत्नी व बच्ची से होती थी।
उसके बाद पत्नी व बच्ची से उसकी बात होना बंद हो गयी। पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ की उसका चाचा सुसर पत्नी व बेटी को बंधक बनाये हुए है। पत्नी की बात चाचा ससुर उसके मां-बाप से भी नहीं करवाता है। जिसके बाद वह जबलपुर वापस आया और ओमती थाने में शिकायत की, परंतु पुलिस ने प्रकरण तक दर्ज नहीं किया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण उक्त बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गयी है। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने अनावेदक चाचा जुबैर अहमद को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, तथा पुलिस को स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गयी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिकाकर्ता आई अहमद की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि वह मूलत: जबलपुर के घमापुर क्षेत्र का निवासी है। लॉक डाउन लगने के पहले उसकी दुबई में जॉब लग गयी थी। पत्नी व छह साल की बेटी को दुबई ले जाने के लिए उसने पासपोर्ट बनना लिये थे। लॉक डाउन लगने के कारण पत्नी व बच्ची को अपने ससुर के पास छोड़ गया था। उसे ससुर का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। जनवरी 2022 तक फोन पर उसकी बात पत्नी व बच्ची से होती थी।
विज्ञापन
उसके बाद पत्नी व बच्ची से उसकी बात होना बंद हो गयी। पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ की उसका चाचा सुसर पत्नी व बेटी को बंधक बनाये हुए है। पत्नी की बात चाचा ससुर उसके मां-बाप से भी नहीं करवाता है। जिसके बाद वह जबलपुर वापस आया और ओमती थाने में शिकायत की, परंतु पुलिस ने प्रकरण तक दर्ज नहीं किया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण उक्त बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गयी है। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने अनावेदक चाचा जुबैर अहमद को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, तथा पुलिस को स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गयी है।
विज्ञापन
