फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur High Court Clean cheat to IAS Deepak Arya government presented the report in High Court

Jabalpur High Court: आईएएस दीपक आर्य को क्लीन चीट, सरकार ने पेश की हाईकोर्ट में रिपोर्ट

Sun, 30 Apr 2023 01:44 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sun, 30 Apr 2023 01:44 PM IST
सार

जबलपुर हाईकोर्ट ने बालाघाट जिले के तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से करवाने के निर्देश दिए थे। शासन की तरफ से पेश की गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में आरोप निराधार पाए गए हैं।

विज्ञापन
Jabalpur High Court Clean cheat to IAS Deepak Arya government presented the report in High Court
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सरकार के रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका का निराकरण कर दिया। पूर्व विधायक किशोर समिति की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि बालाघाट के तत्कानील कलेक्टर दीपक आर्य ने कस्टम मिलिंग और चांवल के अवैध कारोबारियों, कान्हा स्थित रिसोर्ट संचालकों, रेत ठेकेदारों, कंस्ट्रक्शन कंपनी से रिश्वत के रूप में मंहगे गिफट खाद व परिजनों के नाम पर लिए थे।

विज्ञापन


इस संबंध में उन्होंने केन्द्र सरकार से शिकायत की थी। केन्द्र सरकार ने शिकायत पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया था। राज्य सरकार ने जांच बालाघाट कलेक्टर को सौंप दी थी। तत्कानील कलेक्टर दीपक आर्य ने खुद पर लगे आरोपों स्वयं जांच करते हुए क्लीन चीट प्रदान कर दी। तत्कानील कलेक्टर द्वारा खुद की जांच किए जाने के खिलाफ उन्होंने केन्द्र सरकार से शिकातय की थी। केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण उन्होने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 को अपने आदेश में कहा था कि नियमानुसार जिस अधिकारी पर आरोप लगे हैं, उसकी जांच वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए शिकायत की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेष जारी किए थे। शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर तथा गलत पाए जाने पर याचिकाकर्ता के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई के आदेश भी हाईकोर्ट ने पारित किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट के आदेश बावजूद भी जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित नहीं किए जाने के कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई है। सरकार की तरफ से पेश किए युगलपीठ को बताया किया गया कि उच्च स्तरीय जांच में आरोप निराधर पाये गए हैं। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निराकरण कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed