{"_id":"64c7e055a6704157ef0bc233","slug":"jabalpur-had-arrived-with-a-fake-loan-book-to-get-bail-the-court-sentenced-the-guilty-woman-to-five-years-2023-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: फर्जी ऋण पुस्तिका लेकर पहुंची थी जमानत लेने, कोर्ट ने दोषी महिला को सुनाई पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: फर्जी ऋण पुस्तिका लेकर पहुंची थी जमानत लेने, कोर्ट ने दोषी महिला को सुनाई पांच साल की सजा
Mon, 31 Jul 2023 09:54 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 31 Jul 2023 09:54 PM IST
सार
जबलपुर में जमानत के लिए फर्जी ऋण पुस्तिका पेश करने वाली महिला को कोर्ट ने पांच साल की सजा दी है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य तथा गवाहों के आधार पर महिला को दोषी करार दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एडीजे विपिन सिंह भदौरिया की अदालत ने जमानत के लिए फर्जी ऋण पुस्तिका पेश करने वाली महिला को धोखाधड़ी व जालसाजी का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अधिकतम पांच साल की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी महिला पर एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार एक अपराधिक प्रकरण में न्यायालय ने 11 नवंबर 2019 को महेश विश्वकर्मा नामक आरोपी को जमानत का लाभ प्रदान किया था। आरोपी की जमानत के लिए जैनुस्वा बेगम उर्फ सलमा बी ने जमीन की ऋण पुस्तिका पेश की थी। जांच में प्रस्तुत की गयी ऋण पुस्तिका फर्जी पाई गई थी। ओमती पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का अपराध दर्ज कर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य तथा गवाहों के आधार पर महिला को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार एक अपराधिक प्रकरण में न्यायालय ने 11 नवंबर 2019 को महेश विश्वकर्मा नामक आरोपी को जमानत का लाभ प्रदान किया था। आरोपी की जमानत के लिए जैनुस्वा बेगम उर्फ सलमा बी ने जमीन की ऋण पुस्तिका पेश की थी। जांच में प्रस्तुत की गयी ऋण पुस्तिका फर्जी पाई गई थी। ओमती पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का अपराध दर्ज कर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य तथा गवाहों के आधार पर महिला को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
विज्ञापन
