फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: Four years ago the court had given the order, now the case has been registered

Jabalpur: चार साल पहले कोर्ट ने दिया था आदेश, अब दर्ज हुआ प्रकरण, अभियुक्त ने कार्रवाई के लिए खुद लिखा पत्र

Sat, 12 Nov 2022 06:56 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 12 Nov 2022 06:56 PM IST
सार

आर्म्स एक्ट में कोर्ट ने अभियुक्त को सजा से दंडित करते हुए उसके प्रथमदृष्टया साक्ष्य छुपाने के दोषी पाया था। कोर्ट ने पुलिस को अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने चार साल बाद प्रकरण दर्ज किया है। 

विज्ञापन
Jabalpur: Four years ago the court had given the order, now the case has been registered
court new - फोटो : istock

विस्तार

आर्म्स एक्ट में कोर्ट ने अभियुक्त को सजा से दंडित करते हुए उसके प्रथमदृष्टया साक्ष्य छुपाने के दोषी पाया था। कोर्ट ने पुलिस को अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अभियुक्त ने खुद न्यायालिन आदेश के परिपालन कर कार्रवाई के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा था। पुलिस को न्यायालिन आदेश के परिपालन में चार साल से अधिक का समय लगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि आदर्श नगर निवासी अजीत सिंह आनंद उर्फ मंगे सरदार साल 2013 में अपनी बाइक में लोहे की चैन से तलवार बांधकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा था। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने उसके खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया था। जिसके खिलाफ प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रकरण में फिर से सुनवाई के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


सीजेएम राजकुमार यादव ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए अभियुक्त को अक्टूबर 2018 में दो साल की सजा से दंडित किया था। न्यायालय ने अभियुक्त को प्रथमदृष्टया अभियुक्त को साक्ष्य छुपाने को दोषी पाते हुए कार्रवाई के लिए सिविल लाइन पुलिस को निर्देशित किया था। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के लिए अभियुक्त ने साल 2019 में पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा था। न्यायालीन आदेश पर कार्रवाई करने में पुलिस को चार साल से अधिक का समय लगा। सिविल ने आरोपी के खिलाफ धारा 406 तथा 201 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed