फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Illegal construction and excavation in the temple protected by the Archaeological Department

Jabalpur: पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित मंदिर में अवैध निर्माण व खुदाई, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Thu, 15 Dec 2022 09:30 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 15 Dec 2022 09:30 PM IST
सार

जबलपुर स्थित 17वीं शताब्दी के बादशाह हलवाई मंदिर को सुरक्षित रखने तथा अतिक्रमण हटाने के संबंध में जिला कलेक्टर को 7 नवंबर 2022 को पत्र लिखा गया था। कलेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर उक्त याचिका दायर की गई है। 

विज्ञापन
Illegal construction and excavation in the temple protected by the Archaeological Department
court new - फोटो : istock

विस्तार

मप्र हाईकोर्ट में जबलपुर स्थित 17वीं शताब्दी के बादशाह हलवाई मंदिर में अवैध निर्माण व अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पुरातत्व विभाग ने उक्त मंदिर को पुरातत्व संपदा घोषित किया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन


नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि जबलपुर पोलीपाथर स्थित बादशाह हलवाई मंदिर का निर्माण 17वीं सदी में किया गया था। पुरातत्व विभाग द्वारा उसे पुरातत्व संपदा मानते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसके रखरखाव व सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। पुरातत्व धरोहर होने के बावजूद भी मंदिर की भूमि में खुदाई एवं अतिक्रमण किया जा रहा है। जिसकी शिकायत करने पर पुरातत्व विभाग के उप संचालक ने जांच में अवैध निर्माण होना पाया था।
विज्ञापन


जिसके बाद मंदिर को सुरक्षित रखने तथा अतिक्रमण हटाने के संबंध में जिला कलेक्टर को 7 नवंबर 2022 को पत्र लिखा गया था। कलेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर उक्त याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने युगलपीठ को बताया कि मंदिर के टापू को खोद कर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इससे ना केवल उक्त धरोहर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है बल्कि मिट्टी धसकने से जान-माल का खतरा भी बना हुआ है। याचिका में मध्यप्रदेश शासन, कलेक्टर जबलपुर, उपसंचालक पुरातत्त्व विभाग एवं नगर निगम कमिश्नर को अनावेदक बनाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed