फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   High court judge wrote a letter to let us go to the border

India-Pakistan Tension: हाईकोर्ट जज सरहद पर जाने को बेताब, चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर की ये मांग

Sun, 11 May 2025 07:05 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 11 May 2025 07:05 PM IST
सार

ग्वालियर पीठ के न्यायाधीश जस्टिस अनिल वर्मा ने देशसेवा की भावना से प्रेरित होकर चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर सेना या प्रशासनिक सेवा में सीमा पर तैनाती की मांग की है। आर्मी ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके वर्मा पहले भी कारगिल युद्ध के दौरान आवेदन कर चुके हैं। उनका परिवार स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा रहा है। 

विज्ञापन
High court judge wrote a letter to let us go to the border
जस्टिस अनिल वर्मा ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की ग्वालियर पीठ में पदस्थ जस्टिस अनिल वर्मा आर्मी ट्रेनिंग प्राप्त कर चूके हैं। देश की सीमा में चल रहे तनाव को मद्देनजर उन्होंने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पत्र लिखा है। इसमें निवेदन किया गया है कि उन्हें आर्मी या प्रशासनिक सेवा के लिए सीमा पर भेजा जाए।

विज्ञापन


मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के प्रशासनिक अधिकारियों ने जस्टिस अनिल वर्मा द्वारा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के पत्र लिखने की पुष्टि की है। पत्र में कहा गया है कि वह मानसिक व शारीरिक तौर पर पूरी तरफ से फिट हैं। देश के लिए कुछ करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने पत्र में निवेदन किया है कि उन्हें सीमा पर आर्मी या प्रशासनिक सेवा के लिए पदस्थ किया था। इसके पूर्व कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने एडीजे के पद पर रहते हुए आर्मी में जाने के लिए आवेदन किया था। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-87 हजार से अधिक प्रकरणों का आपसी सामंजस से निराकरण, 413 करोड़ से ज्यादा की अवार्ड राशि पारित
विज्ञापन
विज्ञापन




जस्टिस वर्मा के दादा स्व. मोतीलाल वर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और जंगल सत्याग्रह तथा भारत छोड़ो आंदोलन के कारण जेल गए थे। उनके पिता केके वर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। जस्टिस अनिल वर्मा ने देश के स्वतंत्रता संग्राम पर कई पुस्तक भी लिखी है। जिसमें से अधिकांश पुस्तक क्रांतिकारियों पर लिखी गई है।

ये भी पढ़ें-बिजली विभाग का कार्यपालन यंत्री निकला करोड़ों का मालिक, ईओडब्ल्यू ने की कार्रवाई

जस्टिस वर्मा ने शिक्षण काल के दौरान तीन साल तक एनसीसी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद साल 1986 में इलाहाबाद में आर्मी बैरक में ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर की परीक्षा व साक्षात्कार उत्तीर्ण किया था। इसके बाद 23 साल 6 माह की उम्र में न्यायिक सेवा से जुड़ गए थे और साल 2021 में हाईकोर्ट जस्टिस के रूप में पदस्थ हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed