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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Case registered against bishop and others in conversion case, children were forced to pray for Christians

MP News: धर्मांतरण मामले में बिशप सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज, बच्चों से करवाते थे जबरन ईसाई प्रार्थना

Tue, 30 May 2023 07:26 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 30 May 2023 07:26 PM IST
सार

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कटनी जिले में बच्चों से जबरन धार्मिक ईसाई प्रार्थना करवाने का प्रकरण दर्ज करवाया है। अनाथालय ने धर्मांतरण के आरोप को निराधार बताते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की है।

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Case registered against bishop and others in conversion case, children were forced to pray for Christians
संस्था संचालकों को फटकार लगाते राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय बाल आयोग संरक्षण आयोग ने कटनी जिले में बच्चों से जबरन धार्मिक ईसाई प्रार्थना करवाने का प्रकरण दर्ज करवाया है। पुलिस ने जबलपुर डिओसेस के बिशप व बाल ग्रह की संचालिका सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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कटनी पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन के अनुसार माधव नगर थानांतर्गत झिंझरी में ईसाई समुदाय द्वारा आशा किरण चिल्ड्रन्स केयर इंस्टीट्यूट संचालित किया जाता है। इस अनाथालय में नाबालिग को रखा जाता है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया था। आयोग के अध्यक्ष कानूनगो ने माधव नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि इंस्टीट्यूट में रहने वाले चार बच्चों ने उनसे शिकायत की है कि उनसे जबरजस्ती ईसाई धर्म की प्रार्थना करवाई जाती हैं और पढ़ने के लिए बाइबल देते हैं। इसके अलावा दैनिक उपयोग की सामग्री भी प्रदान नहीं करते हैं।
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शिकायत पर जबलपुर डिओसेस के बिशप गेराल्ड अल्मेडा तथा अनाथालय की संचालिका सहित अन्य अज्ञात के तहत धर्मांतरण का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की जांच माधवनगर थाना प्रभारी को सौंपी गई है। अनाथालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान बाइबिल की एक प्रति मिलने पर आयोग के अध्यक्ष ने बच्चों का धर्मांतरण किए जाने का आरोप लगाना प्रारंभ कर दिया था। वे शाम छह बजे के बाद बिना अनुमति पांच बच्चों को अपनी कार में बैठाकर ले गए और रात नौ बजे वापस लाए। अनाथालय ने धर्मांतरण के आरोप को निराधार बताते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की है।
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