{"_id":"67e3de13af4d1fcc40075687","slug":"ban-on-declaration-of-result-of-civil-service-preliminary-examination-conducted-by-psc-jabalpur-news-c-1-1-noi1229-2765696-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur News: PSC की सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने पर रोक, हाईकोर्ट ने थमाए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur News: PSC की सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने पर रोक, हाईकोर्ट ने थमाए नोटिस
Wed, 26 Mar 2025 04:38 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Mar 2025 04:38 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने MPPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। याचिका में भर्ती नियम-2015 को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी गई है। कोर्ट ने PSC व सामान्य प्रशासन विभाग से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 7 मई को होगी।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने PSC को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट की अनुमति के बिना परिणाम घोषित न करें। साथ ही PSC के सचिव व सामान्य प्रशासन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी।
बता दें कि याचिकाकर्ता भोपाल निवासी ममता डेहरिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम-2015 की संवैधानिकता को चुनौती दी है। इसके अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र और PSC द्वारा 31 दिसंबर 2024 को जारी विज्ञापन को भी असंवैधानिक बताया गया है।
ये भी पढ़ें- हाईकोर्ट ने विभागीय जांच के साथ एक लाख का लगाया जुर्माना, मुख्यअभियंता को जेब से भरनी होगी राशि
विज्ञापन
संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन
याचिका में दलील दी गई कि PSC के नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 व 335 और लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4(अ) के खिलाफ हैं। नियम आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते हैं, जो असंवैधानिक है। राज्य सरकार एक ओर आरक्षित वर्ग को आयु, शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा शुल्क में छूट दे रही है, लेकिन दूसरी ओर उन्हें मेरिट में आने के बावजूद अनारक्षित वर्ग में चयन नहीं कर रही।
ये भी पढ़ें- रीवा में खनन से हो रहे प्रदूषण को लेकर जवाब तलब, वन विभाग के पीएस समेत अन्य को नोटिस
बता दें कि PSC प्रारंभिक परीक्षा 16 फरवरी 2025 को आयोजित हुई थी। इसमें 1.18 लाख आवेदन हुए थे, और 93 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के अनुसार कोर्ट संपूर्ण विज्ञापन पर रोक लगाने जा रहा था, लेकिन PSC और शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि परीक्षा हो चुकी है और फिलहाल परिणाम जारी नहीं हुआ। इस दलील को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने बिना अनुमति परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी।
विज्ञापन
बता दें कि याचिकाकर्ता भोपाल निवासी ममता डेहरिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम-2015 की संवैधानिकता को चुनौती दी है। इसके अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र और PSC द्वारा 31 दिसंबर 2024 को जारी विज्ञापन को भी असंवैधानिक बताया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- हाईकोर्ट ने विभागीय जांच के साथ एक लाख का लगाया जुर्माना, मुख्यअभियंता को जेब से भरनी होगी राशि
विज्ञापन
संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन
याचिका में दलील दी गई कि PSC के नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 व 335 और लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4(अ) के खिलाफ हैं। नियम आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते हैं, जो असंवैधानिक है। राज्य सरकार एक ओर आरक्षित वर्ग को आयु, शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा शुल्क में छूट दे रही है, लेकिन दूसरी ओर उन्हें मेरिट में आने के बावजूद अनारक्षित वर्ग में चयन नहीं कर रही।
ये भी पढ़ें- रीवा में खनन से हो रहे प्रदूषण को लेकर जवाब तलब, वन विभाग के पीएस समेत अन्य को नोटिस
बता दें कि PSC प्रारंभिक परीक्षा 16 फरवरी 2025 को आयोजित हुई थी। इसमें 1.18 लाख आवेदन हुए थे, और 93 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के अनुसार कोर्ट संपूर्ण विज्ञापन पर रोक लगाने जा रहा था, लेकिन PSC और शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि परीक्षा हो चुकी है और फिलहाल परिणाम जारी नहीं हुआ। इस दलील को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने बिना अनुमति परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
