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जबलपुर: पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत की बढ़ोतरी, हाईकोर्ट ने कहा-आयुक्त नगरीय प्रशासन करे आवेदन का निराकरण

Tue, 27 Oct 2026 10:39 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2026 10:39 PM IST
सार

टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत वृद्धि के खिलाफ दायर याचिका का हाईकोर्ट ने निराकरण कर दिया। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त को आवेदन पर उचित अवधि में निर्णय लेने और याचिकाकर्ता को सूचित करने के निर्देश दिए।

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160 percent increase in water tax
पानी का टैक्स में 160 प्रतिशत की बढोत्तरी

विस्तार

टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने को अव्यावहारिक बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले में सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को याचिकाकर्ता के आवेदन पर उचित अवधि में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
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याचिकाकर्ता पवन घुवारा की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि टीकमगढ़ नगर पालिका ने 2 जून 2022 को प्रस्ताव पारित कर पानी के टैक्स में 160 प्रतिशत की वृद्धि की थी। याचिका में तर्क दिया गया कि इतनी अधिक बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और यह व्यावहारिक नहीं है।
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शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर पहुंचे हाईकोर्ट
याचिकाकर्ता के अनुसार, टैक्स में की गई वृद्धि के खिलाफ संबंधित अधिकारियों और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को आवेदन व शिकायतें दी गई थीं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

आवेदन पर निर्णय लेकर याचिकाकर्ता को बताने के निर्देश
युगलपीठ ने आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता के आवेदन का उचित अवधि में निराकरण किया जाए और लिए गए निर्णय से उन्हें अवगत कराया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आवश्यकता होने पर याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिया जाए। इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।
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