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Jabalpur News: पटवारी 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
Thu, 02 Jun 2022 07:01 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 02 Jun 2022 07:01 PM IST
सार
मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने जबलपुर में एक पटवारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। यह रिश्वत उसने जमीन का सीमांकन कराने के बाद फील्ड बुक देने के एवज में मांगी थी।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में फील्ड बुक देने के एवज में रिश्वत मांगने वाले पटवारी सुनील कुमार को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा है। वह 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ाया है। आरोपी ने कृष्णकांत सिरोठिया से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। कृष्णकांत की मां के नाम पर जमीन है। उसका सीमांकन होना था और उस पर फील्ड बुक बनाई जानी थी। तीन दिन पहले कृष्णकांत ने उसकी शिकायत लोकायुक्त को की और गुरुवार को रंगे हाथों पकड़ लिया। कलेक्टर ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि कृष्णकांत की मां चांवरीबाई के नाम से खेत है। उसका सीमांकन हो गया था। फील्ड बुक बनाने के लिए वह 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इसी सिलसिले में पटवारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। कृष्णकांत और पटवारी की बातचीत रिकॉर्ड कराई गई थी। इसके बाद ही रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई गई। दोपहर में सुनील ने जैसे ही 10 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। वह पैसे फेंककर भागने लगा, पर तब तक वह पकड़ा जा चुका था। आरोपी को फिलहाल जमानत पर छोड़ दिया गया है। बताया जाता है कि सुनील कुमार पिछले 26 साल से एक ही तहसील में कार्यरत था। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया है।
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लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि कृष्णकांत की मां चांवरीबाई के नाम से खेत है। उसका सीमांकन हो गया था। फील्ड बुक बनाने के लिए वह 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इसी सिलसिले में पटवारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। कृष्णकांत और पटवारी की बातचीत रिकॉर्ड कराई गई थी। इसके बाद ही रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई गई। दोपहर में सुनील ने जैसे ही 10 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। वह पैसे फेंककर भागने लगा, पर तब तक वह पकड़ा जा चुका था। आरोपी को फिलहाल जमानत पर छोड़ दिया गया है। बताया जाता है कि सुनील कुमार पिछले 26 साल से एक ही तहसील में कार्यरत था। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया है।
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