{"_id":"629cbc5476956a75c162a4fa","slug":"jabalpur-kidnapping-case-registered-after-16-years-of-disappearance-no-clue-found-yet","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: लापता होने के 16 साल बाद दर्ज हुआ अपहरण का प्रकरण, नहीं मिला अभी तक कोई सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: लापता होने के 16 साल बाद दर्ज हुआ अपहरण का प्रकरण, नहीं मिला अभी तक कोई सुराग
Sun, 05 Jun 2022 07:53 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 05 Jun 2022 07:53 PM IST
सार
डिंडौरी के युवक की बेटी 16 साल पहले जबलपुर में लापता हुई थी। अब पुलिस ने उसके अपहरण का केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नाबालिग बच्ची 16 साल पहले लापता हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश तथा सीएम हेल्पलाइन में गुहार लगाने के बाद पुलिस ने अपहरण का प्ररकण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने के बाद पुनः विवेचना प्रारंभ कर दी है। बच्ची जब लापता हुई थी उसकी उम्र महज 14 साल थी जो अब 30 साल की हो गई होगी।
थाना प्रभारी एसएस बघेल के अनुसार डिण्डौरी निवासी संदीप सिंह नामक युवक रोजगार की तलाश में जबलपुर आकर हाथीताल क्षेत्र में रहने लगा था। 2006 में उसकी 14 साल की बच्ची लापता हो गई थी। जिसकी शिकायत उसने थाने में दर्ज करवाई थी। पुलिस ने गुमशुदगी के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया था, परंतु बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में नाबालिग बच्चे के लापता होने के प्रकरण में अपहरण के धारा के तहत प्रकरण दर्ज करने आदेश पारित किए थे। आदेश के बाद ही उक्त प्रकरण में अपहरण की धारा 363 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए था। लापता बच्ची की तलाश में उसके पिता ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की थी। जिसके बाद प्रकरण प्रकाश में आया और पुलिस ने शनिवार को प्रकरण दर्ज कर पुनः विवेचना प्रारंभ कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना प्रभारी एसएस बघेल के अनुसार डिण्डौरी निवासी संदीप सिंह नामक युवक रोजगार की तलाश में जबलपुर आकर हाथीताल क्षेत्र में रहने लगा था। 2006 में उसकी 14 साल की बच्ची लापता हो गई थी। जिसकी शिकायत उसने थाने में दर्ज करवाई थी। पुलिस ने गुमशुदगी के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया था, परंतु बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में नाबालिग बच्चे के लापता होने के प्रकरण में अपहरण के धारा के तहत प्रकरण दर्ज करने आदेश पारित किए थे। आदेश के बाद ही उक्त प्रकरण में अपहरण की धारा 363 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए था। लापता बच्ची की तलाश में उसके पिता ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की थी। जिसके बाद प्रकरण प्रकाश में आया और पुलिस ने शनिवार को प्रकरण दर्ज कर पुनः विवेचना प्रारंभ कर दी है।
विज्ञापन
