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राहुल को दिखाने के लिए फिर से भर्ती किए घायल
जयप्रकाश पाराशर/भोपाल
Updated Wed, 16 Oct 2013 08:39 PM IST
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ग्वालियर में गुरुवार को सभा करने आ रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दतिया अस्पताल में रतनगढ़ हादसे के पीड़ितों से मिलाने का कार्यक्रम बनता है।
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बुधवार को दतिया के जिला अस्पताल से 9 मरीजों की छुट्टी की जाती है। कांग्रेस के नेता मरीजों की छुट्टी का विरोध करते हैं। लिहाजा 3 मरीज फिर भर्ती कर दिए जाते हैं।
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यह दिलचस्प वाकया बुधवार को दतिया के शासकीय अस्पताल में हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्वालियर आ रहे राहुल गांधी के कार्यक्रम में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कुछ तब्दीली करते हुए उन्हें दतिया अस्पताल ले जाने और रतनगढ़ हादसे के पीड़ितों से मिलाने का कार्यक्रम भी बनाया है।
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ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सत्यदेव कटारे का कहना है कि जैसे ही प्रशासन को पता लगा कि राहुल गांधी अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने आने वाले हैं, वैसे ही अस्पताल से मरीजों को छुट्टी दे दी गई।
कटारे ने बताया, "अस्पताल प्रशासन ने राहुल गांधी की यात्रा की जानकारी मिलते ही मरीजों को छुट्टी दे दी। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पता लगा तो उन्होंने विरोध किया और जिन्हें जबर्दस्ती छुट्टी दी गई थी, उन मरीजों का वापस ले जाकर भर्ती कराया।"
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी दतिया से ही विधायक हैं। अस्पताल प्रशासन घायलों की इस राजनीति में अपने आपको परेशान महसूस कर रहा है। दतिया के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आर.एस. गुप्ता की राय एकदम जुदा है।
मीडिया में आई खबरों से परेशान डॉ. गुप्ता के अनुसार, "अस्पताल में अब भी 41 घायल भर्ती हैं। यह बात सही है कि दोपहर 1 बजे 9 मरीजों को छुट्टी दी गई थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उसका विरोध किया और उनमें से 3 लोगों को वापस लाकर भर्ती करा दिया।"
रतनगढ़ हादसे के बाद से ही मरीजों को दतिया के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। जिन्हें ज्यादा उपचार की जरूरत नहीं थी उन्हें तत्काल छुट्टी भी दी गई है।
डॉ. गुप्ता के अनुसार, "हम डॉक्टर हैं। हम किसी को जबर्दस्ती भर्ती भी नहीं करते और न ही अचानक छुट्टी देते हैं। दुर्घटना के दिन से ही घायल यहां आ रहे हैं और हालात के हिसाब से छुट्टी लेकर जा रहे हैं। यह सब राजनीतिक विवाद है।"
