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Indore: गरीबी-भुखमरी और बेहतर शिक्षा पर होगा काम, इंदौर में रखी गई 2030 का भारत अभियान के प्रोजेक्ट्स की नींव
Sat, 25 May 2024 08:21 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 25 May 2024 08:21 PM IST
सार
इंदौर में 2030 का भारत अभियान के तहत सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से कुछ सार्थक प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई। ये प्रोजेक्ट्स गरीबी, भुखमरी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति भी समर्पित हैं।
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इंदौर में सकारात्मक पहल की नींव रखी गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में 2030 का भारत अभियान के तहत सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से कुछ सार्थक प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई। ये प्रोजेक्ट्स गरीबी, भुखमरी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से संबंधित होने के साथ-साथ स्ट्रीट वेंडर्स के सहयोग और कैदियों के बेहतर स्वास्थ्य, पुनर्वास व कल्याण के प्रति भी समर्पित हैं।
2030 का भारत अभियान की शुरुआत समाजसेवी, लेखक अतुल मलिकराम द्वारा एक शिक्षित व समृद्ध भारत के दृष्टिकोण के साथ की गई है। इस अभियान का लक्ष्य मार्च 2026 तक इन सभी प्रोजेक्ट्स को देश के 10 राज्यों तक फैलाने का है। इन प्रोजेक्ट्स की विशेषताओं के बारे में बताते हुए चीफ ब्रांडिंग एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर पवन त्रिपाठी ने कहा कि इंदौर से इस पहल की शुरुआत हमारे लिए गर्व की बात है। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हम गरीबी और भुखमरी की समाप्ति में सहयोग के साथ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे शहरों और गली-मोहल्लों में स्थित स्कूलों के टीचर्स को ट्रेनिंग देने की पहल कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारी योजना स्ट्रीट वेंडर्स को सहयोग के रूप में 1 लाख स्टैन्डीज़ वितरित करने की है। हमारा लक्ष्य कैदियों के पुनर्वास व कल्याण के लिए 100 जेलों के प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करना तथा ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाना है, जिसके लिए हमने प्रयास शुरू कर दिए हैं। की प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर रोहित चंदेल ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से न केवल समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त किया जाएगा, बल्कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जाएगा। 2030 का भारत अभियान के इस महत्वपूर्ण कदम से समाज के वंचित वर्गों को नई दिशा मिलेगी और एक शिक्षित व समृद्ध भारत के सपने को साकार करने में सहयोग प्रदान होगा।
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2030 का भारत अभियान की शुरुआत समाजसेवी, लेखक अतुल मलिकराम द्वारा एक शिक्षित व समृद्ध भारत के दृष्टिकोण के साथ की गई है। इस अभियान का लक्ष्य मार्च 2026 तक इन सभी प्रोजेक्ट्स को देश के 10 राज्यों तक फैलाने का है। इन प्रोजेक्ट्स की विशेषताओं के बारे में बताते हुए चीफ ब्रांडिंग एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर पवन त्रिपाठी ने कहा कि इंदौर से इस पहल की शुरुआत हमारे लिए गर्व की बात है। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हम गरीबी और भुखमरी की समाप्ति में सहयोग के साथ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे शहरों और गली-मोहल्लों में स्थित स्कूलों के टीचर्स को ट्रेनिंग देने की पहल कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारी योजना स्ट्रीट वेंडर्स को सहयोग के रूप में 1 लाख स्टैन्डीज़ वितरित करने की है। हमारा लक्ष्य कैदियों के पुनर्वास व कल्याण के लिए 100 जेलों के प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करना तथा ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाना है, जिसके लिए हमने प्रयास शुरू कर दिए हैं। की प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर रोहित चंदेल ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से न केवल समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त किया जाएगा, बल्कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जाएगा। 2030 का भारत अभियान के इस महत्वपूर्ण कदम से समाज के वंचित वर्गों को नई दिशा मिलेगी और एक शिक्षित व समृद्ध भारत के सपने को साकार करने में सहयोग प्रदान होगा।
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