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Success Story: इंजीनियरिंग के बाद नौकरी तलाशने मुंबई गए... बॉलीवुड में चमक गए सितारे
Wed, 06 Mar 2024 08:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 06 Mar 2024 08:25 PM IST
सार
जबलपुर के सौरभ जोशी की कहानी... इन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने शौक को समय देते रहे। एक दिन इन्हें सफलता मिल गई।
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सौरभ जोशी
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
मप्र के जबलपुर के सौरभ जोशी इन दिनों बॉलीवुड में पहचान बनाते जा रहे हैं। हाल ही में इन्होंने हैदर फिल्म में गीत गाने के साथ संगीत में भी अपनी छाप छोड़ी है। इससे पहले वे 'एमटीवी अनप्लग्ड' में भी लोगों का दिल जीत चुके हैं।
सौरभ की कहानी जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं। सौरभ ने जबलपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशना शुरू किया। मंदी के दौर में जब उन्हें कुछ खास नौकरी नहीं मिली तो वे बच्चों को गिटार सिखाने लगे। अचानक समय बदला और सौरभ को मुंबई में रिलायंस में नौकरी मिल गई। वे मुंबई तो नौकरी करने गए थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। यहां पर उन्होंने गिटार के अपने शौक को जारी रखा और एक दिन उन्हें मशहूर गायिका रेखा भारद्वाज के साथ काम करने का मौका मिल गया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए।
मुंबई में कई जगह काम किए
अमर उजाला से बातचीत में सौरभ ने बताया कि मुंबई में वे नौकरी के दिनों में गिटार सीखते रहते थे। नौकरी के साथ ही उन्होंने बच्चों को सिखाना, लाइव सेशन लेना और बैंड आर्टिस्ट के साथ काम करना जारी रखा। बाद में उन्हें रेखा भारद्वाज के साथ काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें हैदर में काम मिला। सौरभ ने बताया कि अब वे अपने बैंड 'सौरभ एंड द क्वार्टेट' के साथ प्रशंसकों का दिल जीत रहे हैं। उन्होंने हाल ही में "इम्तिहान" एलबम लांच किया है जिसे बहुत अधिक पसंद किया जा रहा है।
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मप्र के युवा बहुत टैलेंटेड
सौरभ कहते हैं कि मप्र के युवाओं में बहुत टैलेंट है। यहां के कई युवा फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। वे कहते हैं कि बस हार नहीं मानें और अपने शौक को समय दें। आप जितना सीखते रहेंगे उतना ही निखरेंगे।
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सौरभ की कहानी जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं। सौरभ ने जबलपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशना शुरू किया। मंदी के दौर में जब उन्हें कुछ खास नौकरी नहीं मिली तो वे बच्चों को गिटार सिखाने लगे। अचानक समय बदला और सौरभ को मुंबई में रिलायंस में नौकरी मिल गई। वे मुंबई तो नौकरी करने गए थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। यहां पर उन्होंने गिटार के अपने शौक को जारी रखा और एक दिन उन्हें मशहूर गायिका रेखा भारद्वाज के साथ काम करने का मौका मिल गया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए।
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मुंबई में कई जगह काम किए
अमर उजाला से बातचीत में सौरभ ने बताया कि मुंबई में वे नौकरी के दिनों में गिटार सीखते रहते थे। नौकरी के साथ ही उन्होंने बच्चों को सिखाना, लाइव सेशन लेना और बैंड आर्टिस्ट के साथ काम करना जारी रखा। बाद में उन्हें रेखा भारद्वाज के साथ काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें हैदर में काम मिला। सौरभ ने बताया कि अब वे अपने बैंड 'सौरभ एंड द क्वार्टेट' के साथ प्रशंसकों का दिल जीत रहे हैं। उन्होंने हाल ही में "इम्तिहान" एलबम लांच किया है जिसे बहुत अधिक पसंद किया जा रहा है।
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मप्र के युवा बहुत टैलेंटेड
सौरभ कहते हैं कि मप्र के युवाओं में बहुत टैलेंट है। यहां के कई युवा फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। वे कहते हैं कि बस हार नहीं मानें और अपने शौक को समय दें। आप जितना सीखते रहेंगे उतना ही निखरेंगे।
