फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Statement of Urban Administration Minister Kailash Vijayvargiya: Know what he said before Congress leader Rahu

कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर हमला: गांधी परिवार के नाम पर 600 योजनाएं, इस योजना पर आपत्ति क्यों हो रही?

Thu, 15 Jan 2026 08:46 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Thu, 15 Jan 2026 08:46 PM IST
सार

मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के नाम पर सैकड़ों योजनाएं चलीं, लेकिन रामजी के नाम पर एक योजना पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है।

विज्ञापन
Statement of Urban Administration Minister Kailash Vijayvargiya: Know what he said before Congress leader Rahu
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदेशभर में आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में 17 जनवरी को इंदौर स्थित गांधी प्रतिमा पर मौन उपवास रखा जाएगा, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

विज्ञापन


नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश में गांधी परिवार के नाम पर 600 से अधिक योजनाएं चलाई गईं, लेकिन जब भगवान राम के नाम पर एक योजना का नाम रखा गया तो कांग्रेस को आपत्ति होने लगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रामजी के नाम से जुड़ी योजना पर विरोध क्यों किया जा रहा है।

विज्ञापन

महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप है नई योजना
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि यदि कांग्रेस नेता नई योजना का अध्ययन करें, तो उन्हें पता चलेगा कि यह योजना भी महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप ही है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने भी ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर गांवों पर विशेष जोर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मनरेगा में घोटालों के आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर घपले-घोटालों की शिकायतें आती रही हैं, जिनकी जांच लंबे समय तक लंबित रहती थी। कई मामलों में मजदूर कहीं और काम कर रहा होता था, जबकि उसके नाम से योजना के तहत राशि जारी हो जाती थी।

नई योजना में पारदर्शिता और निगरानी
विजयवर्गीय ने बताया कि नई योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक जिले में लोकपाल के माध्यम से निगरानी की जाएगी। साथ ही, फसलों के उत्पादन के समय खेतों में श्रमिकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर को योजना को अस्थायी रूप से रोकने का अधिकार भी दिया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो।

ये भी पढ़ें- MP: नगर परिषद की लापरवाही या सिस्टम की विफलता, गंदा का पानी पीने को मजबूर क्यों हैं लोग? 14 से ज्यादा बीमार

मोदी सरकार ने किया श्रमिकों का अधिक हित
मंत्री ने कहा कि इस योजना में अब तक 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है, जिसमें से करीब 75 प्रतिशत राशि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में खर्च हुई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन काल की तुलना में मोदी सरकार ने श्रमिकों के हित में कहीं अधिक काम किया है।

समय पर भुगतान की व्यवस्था
विजयवर्गीय ने कहा कि नई योजना के तहत किसानों और श्रमिकों को अधिकतम दो सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि मनरेगा में श्रमिकों को चार से छह माह तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा गांवों में होने वाले विकास कार्यों में भी श्रमिकों को इसी योजना के तहत रोजगार मिलेगा।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed