Raja Raghuvanshi Murder Case: मर्डर के 24 घंटे- राजा को सुबह मारना चाहती थी सोनम, इसलिए छह बजे किया था चेकआउट
Raja Sonam Raghuvanshi: नोंग्रियाट में अन्य पर्यटक भी थे और कुछ सोनम को सुबह दिखाई दिए तो सोनम को राजा को सुबह मारने का प्लान कैंसल करना पड़ा। तीन घंटे तक झरने के आसपास की सैर की। इसके बाद राजा और सोनम सीढि़यां चढ़ने लगे।
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देशभर मेें चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हत्या का पूरा प्लान सोनम ने बनाया था। अब तक शिलांग और इंदौर पुलिस की जांच में पता चला कि सोनम 23 मई को सुबह के समय नोंग्रियाट झरने के आसपास ही राजा को मौत के घाट उतारना चाहती थी, इसलिए उसने खाई में लिए शिपरा होम स्टे में सुबह छह बजे ही चेक आउट कर दिया था, लेकिन वहां अन्य लोगों की मौजूदगी में प्लान फेल हो गया। तीनों आरोपी जब नोंग्रियाट झरने वाले हिस्से में राजा को मार नहीं पाए तो फिर वाइसावडोंग पार्किंग स्थल को चुना। सुनसान इलाके में सोनम ने मार दो इसे.. का आदेश पाते ही विशाल ने सिर पर डाव से वार कर दिया। 23 मई को हत्या के वो 24 घंटे कैसे थे, आइए जानते हैं इस खबर में
राजा से पहले लगेज को रास्ते से हटाया
22 मई की सुबह राजा और सोनम किराए की स्कूटी लेकर घूमने निकले, लेकिन सोनम ने राजा से पहले अपने साथ लाए लगेज को रास्ते से हटाया, ताकि कोई सबूत न मिले। नोंग्रियाट गांव से 30 किलोमीटर पहले सोनम ने स्कूटर रुकवाई और एक गेस्ट हाउस की तरफ इशारा किया। राजा ने स्कूटर रोकी तो सोनम ने कहा कि यहां रूम ले लेते हैं, लेकिन झरने तक लगेज लेकर उतरना आसान नहीं होगा।
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राजा ने पहले लगेज डिक्की में रखने की कोशिश की, लेकिन जब सोनम नहीं मानी तो राजा गेस्ट हाउस में गया। तब कोई रूम खाली नहीं था। राजा ने रजिस्ट्रर में एंट्री की और दोनों लगेज वहां रख दिए। उससे पहले राजा और सोनम ने कपड़े व अन्य जरूरी सामान डिक्की में रख लिया। तब सोनम ने अपनी लाल रंग की जैकेट भी उतार कर डिक्की में रख दी थी। इस दौरान उसने प्रेमी राज को अपनी लाइव लोकेशन भी भेज दी।
इस होम स्टे में रुके थे राजा और सोनम।
सुबह छह बजे होम स्टे से किया चेक आउट
राजा ने 23 मई को सुबह छह बजे होम स्टे से चेकआउट किया। इसके पीछे सोच यह थी कि सुबह हत्या करते कोई देख नहीं पाएगा और झरने में लाश को ठिकाने लगाना भी आसान हो जाएगा, लेकिन नोंग्रियाट में अन्य पर्यटक भी थे और कुछ सोनम को सुबह दिखाई दिए तो सोनम को राजा को सुबह मारने का प्लान कैंसल करना पड़ा। तीन घंटे तक झरने के आसपास की सैर की। इसके बाद राजा और सोनम सीढ़ियां चढ़ने लगे। इस बीच हत्या करने आए युवकों ने खुद को मध्य प्रदेश का पर्यटक बताते हुए राजा से पहचान करने की कोशिश की।
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गाइड को लौटते समय नजर आए पांच लोग
23 मई की सुबह साढ़े दस बजे राजा और सोनम सीढ़ियां चढ़ते नजर आए। राजा और सोनम के अलावा हत्या करने आए तीनों आरोपियों को गाइड अलबर्ट पीडी ने देखा था। गाइड ने अपनी सेवाएं देने की पेशकश की, लेकिन सोनम ने मना कर दिया। अलबर्ट एक दिन पहले भी उनके पीछे चल रहा था, लेकिन तब राजा और सोनम अकेले नजर आए थे। उसे लगा कि तीनों युवक भी पर्यटक हैं।
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दोपहर को किया सास को काॅल
दोपहर 1.20 बजे के करीब सोनम ने अपनी सास को काॅल किया और झरना देखने जाने की बात बताई। सास ने राजा का फोन बंद होने की बात की तो सोनम ने कहा कि ऊपर चढ़ने के बाद बात करेंगे। फिर उसने उपवास की बात की। इसके बाद सोनम ने अपना फोन भी बंद कर दिया।
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फोटो खिंचवाने के बहाने ले गई पार्किंग यार्ड में और कर दी हत्या
दोपहर तीन बजे फोटो खिंचवाने के बहाने सोनम राजा को वाइसावडोंग पार्किंग यार्ड तक ले गई। वह पार्किंग दो साल से बंद है। सुनसान क्षेत्र देखकर सोनम ने तीनों आरोपियों को कहा- मार डालो इसे...। इसके बाद विशाल ने पीछे से सिर पर हथियार से वार कर दिया। राजा ने पलटकर सामना करने की कोशिश की, लेकिन फिर दूसरे वार को वह झेल नहीं पाया और जमीन पर गिर पड़ा।
