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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Rahul is creating the image of a fearless leader on the pretext of Bharat Jodo Yatra, know what he did in Malw

Bharat Jodo Yatra: यात्रा केे बहाने निडर नेता की इमेज बना रहे राहुल, मालवा-निमाड़ में क्या होगा इसका असर

Tue, 29 Nov 2022 10:27 AM IST
Abhishek Chendke अभिषेक चेंडके
Updated Tue, 29 Nov 2022 10:27 AM IST
सार

राहुल इन दिनों सड़कों पर चल रहे है। जननेता, राष्ट्रवादी और निडर नेता की नई इमेज बना रहे है। भारत जोड़ने के अलावा राहुल की यात्रा में उनकी नई इमेज को भी सोशल मीडिया पर तराशा जा रहा है।

 

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Rahul is creating the image of a fearless leader on the pretext of Bharat Jodo Yatra, know what he did in Malw
File photo - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

भारत जोड़ो यात्रा की टेगलाइन ‘डरो मत’ रखी गई है। बार-बार अपने भाषणों मेें इसका इस्तेमाल कर राहुल गांधी खुद को निडर नेता के तौर पर पेेश कर रहे हैं। अपनी इस इमेज से राहुल पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को भी ताकत दे रहे हैं, जो यह सोचने लगे थे कि पार्टी नेतृत्व कमजोर हो रहा है। 
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इस यात्रा में नुक्कड़ सभा के बहाने वे लच्छेदार भाषणों की शैली मेें पारंगत हो चुके हैं। उन्हें अब  पता रहता है कि सभा में जनता किस बात पर ताली बजाएगी, कब नारे लगाएगी। राहुल भले ही यह कहे कि भाजपा ने उनकी इमेज बिगाड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन यह भी सच है कि इस भारत जोड़ो यात्रा के लिए कांग्रेस का आईटी सेल ओवर टाइम कर रही है। सोशल मीडिया पर राहुल की जननेता की इमेज बनाने के लिए बीस लोगों की टीम यात्रा के साथ चल रही है। जो राहुल की सोशल मीडिया पर मजबूत नेता के तौर पर दिखा रही है। अब तो टीम राहुल अपने नेता की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करने लगी है। 
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उदाहरण देखिए सोमवार को भारत जोड़ो के फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाली गई। जिसमें जयराम रमेेश यह कहते नजर आए कि राहुल गांधी ने 40 मिनटों में 17 सवालों के जवाब दिए, लेकिन वहां तो पांच सालों में 17 सवालों के जवाब नहीं मिले। यह कवायद बता रही है कि राहुल की खुद की नई इमेज गढ़ने के लिए यह यात्रा क्या मायनेे रखती है।
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मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग कहते है कि इस यात्रा ने सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली राहुल गांधी की पप्पू और अयोग्य वाली इमेज को बदलकर रख दिया। राहुल इस यात्रा के पहले कांग्रेस पार्टी की लायबिलिटी थे और अब असेट बन गए हैं। भाजपा डर पैदा करती है। फिर उससे विपक्ष को कमजोर करती है। इस यात्रा ने लोगों के दिलों से भाजपा के डर को खत्म करने की कोशिश की है। इसी डर के कारण कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे थे। इस यात्रा से विपक्ष को नई ताकत मिलेगी। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी कहते हैं कि राहुल एक जननेता की छवि गढ़ रहे है। वे गरीब और मध्यम वर्ग पर फोकस कर रहे हैं। राजनीतिक तौर पर इसका फायदा कांग्रेस को भविष्य में  होगा। 

हर वर्ग को साधने की कोशिश  
हिंदी पट्टी में भारत जोड़ो यात्रा ने बुरहानपुर के रास्ते 23 नवंबर को प्रवेश किया। आठ दिन का सफर तय कर यात्रा उज्जैन पहुंच चुकी है। इस बीच राजनीतिक हमले हुए। यात्रा में कथित पाकिस्तान समर्थित नारों पर सियासत गरमाई। गोड़से के बयान पर विवाद को भाजपा तूल देती रही, लेकिन राहुल इन मुद्दों में उलझने के बजाए अपनी इमेज बदलने पर फोकस करते रहे। वे ज्यादा से ज्यादा आम लोगों से मिलने की कोशिश कर रहे है। जिस इलाके में यात्रा चल रही है। उसके हिसाब से उन्होंनेे भाषणों के मुद्दे रखे। टंट्या मामा की जन्मस्थली पर गए। वहां उन्होंने वनवासी और आदिवासी शब्द की व्याख्या कर भाजपा और आरएसएस पर जमकर हमला बोला तो प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में व्यापार और युवा वर्ग पर फोकस किया। राजवाड़ा के भाषण में उन्होंने जीएसटी और नोटबंदी पर फोकस रखा। युवा वर्ग को जोड़ने के लिए उन्होंने चिमनबाग पर एक रैप सिंगर का शो करवाया। संविधान दिवस के मौके पर महू जाकर राहुल ने दलित वर्ग को साधने की कोशिश की। उन्होंने यहां की सभा में यह आरोप भी लगाए कि भाजपा और आरएसएस संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे है।  

जानिए क्या किया राहुल ने मालवा निमाड़ में

  • बहन प्रियंका और उसके परिवार के साथ राहुल गांवों मेें घूमें, साथ में ओंकारेश्वर में पूजा की। सिर पर मालवी पगड़ी, भगवा रंग की शाॅल और गले में रुद्राक्ष की माला पहनकर राहुल ने नर्मदा आरती की। इससे कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की इमेज को मजबूत किया।
  • भाजपा राष्ट्रवाद को प्रमुखता देती है। राहुल ने भी खुद को राष्ट्रवादी नेता की इमेज को मजबूत किया। राहुल संविधान दिवस पर महू पहुंचे और तिरंगे के साथ मंच पर भाषण दिया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आरएसएस ने कई वर्षों तक उनके कार्यालयों पर तिरंगा झंडा नहीं फहराया।
  • इंदौर में युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने के लिए गल्ली बाॅय का बड़ा शो रखवाया। खुद भी उसमेें शामिल हुए। यात्रा में भी वे ज्यादातर युवा वर्ग से ही मिले।
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