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Bharat Jodo Yatra: राजाधिराज महाकाल के उज्जैन में राहुल और दिग्विजय भी रात में हुए शहर से बाहर, जानिए क्यों

Wed, 30 Nov 2022 04:27 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 30 Nov 2022 04:27 PM IST
सार

भारत जोड़ो यात्रा ने मंगलवार रात को उज्जैन में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद भी राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह उज्जैन शहर में नहीं रुके। उन्होंने शहर की सीमा से बाहर जाकर रात्रि विश्राम किया। यह चर्चा का विषय बन गया है।  

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Politicians from Ujjain avoid staying the night, Rahul Gandhi and Digvijay Singh stayed outside the city limit
उज्जैन शहर से बाहर रुकी भारत जोड़ो यात्रा - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

भारत जोड़ो यात्रा भले ही मंगलवार रात को उज्जैन में रही हो, राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह को उज्जैन शहर के बाहर जाना पड़ा। दोनों नेताओं ने शहर की सीमा से बाहर रात बिताई। यह चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, उज्जैन के राजाधिराज महाकाल है। उनके होते हुए कोई भी अन्य राजा या महाराजा शहर में रात्रि विश्राम नहीं कर सकता। यह मान्यता ही है कि कोई भी राजपरिवार का सदस्य रात शहरी सीमा में नहीं बिताता। 
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राघोगढ़ राजपरिवार से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी पैदल यात्री है। वे सोमवार रात को कैम्प में ही यात्रियों के साथ रुके। इंदौर से निकलने के बाद भारत जोड़ो यात्रा उज्जैन शहर की सीमा से पहले निनौरा में ही रुकी थी, जो उज्जैन की सीमा से बाहर है। हालांकि, राहुल गांधी अभी किसी बड़े पद पर नहीं है, लेकिन नेहरु-गांधी परिवार के तीन सदस्य देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। भारत जोड़ो यात्रा के शहर से बाहर रुकने का सिर्फ संयोग है या मान्यता के कारण ऐसा किया गया, इस सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे राजा नहीं है। इस मान्यता पर विश्वास नहीं करते। संयोग है कि यात्रा शहर से बाहर रुकी। 
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जिस कॉलेज परिसर में यात्रा रुकी वहां चल रही थी परीक्षा
यात्रा ने एक दिन का ब्रेक लिया है। आगर रोड के एक निजी कॉलेज परिसर में यात्रा रुकी है। यहां बुधवार को परीक्षा भी चल रही थी। बिहार से आए कार्यकर्ता जब दिग्विजय सिंह के सामने नारेबाजी करने लगे तो उन्हें बताया गया कि भीतर परीक्षा चल रही है, इसलिए नारे न लगाएं।  
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सिंधिया-शिवराज भी नहीं रुकते उज्जैन में 
सिंधिया रियासत में उज्जैन भी शामिल था लेकिन सिंधिया राजपरिवार के लोग उज्जैन में रात नहीं रुकते। सिंधिया परिवार ने रुकने के लिए शहर के बाहर एक महल बनवाया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उज्जैन में नहीं रुकते है। पिछले सिंहस्थ में उन्होंने शहर की सीमा के बाहर बड़ा आयोजन करवाया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। सीएम ने वहां एक झोपड़ी बनवाई थी।


बाबा महाकाल है उज्जैन के राजा
राजा भोज के समय से ही उज्जैन में कोई राजा या मंत्री रात में नही रुकता। बाबा महाकाल उज्जैन के राजाधिराज हैं। उनके रहते कोई दूसरा राजा या मंत्री उज्जैन में रात नहीं बिता सकता है। इस धारणा को लेकर स्थानीय लोग कुछ उदाहरण भी बताते है। कहा जाता है कि देश के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई जब उज्जैन में एक रात रुके थे, तो अगले ही दिन उनकी सरकार चली गई। उज्जैन मेें प्रधानमंत्री के तौर पर इंदिरा गांधी भी आ चुकी हैं, लेकिन वे भी कभी रात को रुकी नहीं।  
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