Indore News: 21 टन वजनी भगवान विष्णु की मूर्ति, 24 करोड़ में बनी, दर्शन के लिए उमड़े हजारों भक्त
Indore News: मध्यप्रदेश और राजस्थान में तैयार भगवान विष्णु की 24 करोड़ की पंचधातु प्रतिमा राजवाड़ा में दर्शन के लिए रखी गई। यह अद्भुत प्रतिमा 11 जनवरी को शहादा पहुंचकर मंदिर में स्थापित की जाएगी।
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भगवान विष्णु की अद्भुत पंचधातु प्रतिमा भक्तों के दर्शन के लिए इंदौर के राजवाड़ा में रखी गई है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। भक्त तुलसी दल लेकर भगवान को अर्पित कर रहे हैं। भक्त कतार में खड़े होकर भगवान की प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं, जबकि पंडित मंत्रोच्चार कर रहे हैं। यह शेषशायी भगवान विष्णु की प्रतिमा करीब ढाई घंटे तक राजवाड़ा में रहेगी, जिसके बाद इसे महाराष्ट्र के शहादा ले जाया जाएगा। शहादा में भगवान विष्णु के मंदिर में यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
तैयार करने में साढ़े चार साल का समय लगा
यह प्रतिमा पंचधातु से बनी है और इसकी लागत 24 करोड़ रुपये है। इसे तैयार करने में साढ़े चार साल का समय लगा। भगवान की यह प्रतिमा 11 फीट लंबी और 21 टन वजनी है। इसका निर्माण मध्यप्रदेश और राजस्थान में किया गया है। श्री नारायण भक्ति पंथ के प्रमुख लोकेशानंद महाराज ने बताया कि प्रतिमा को बनाने की प्रक्रिया में पहले मिट्टी का मॉडल तैयार किया गया, जिसे पुरुषोत्तम नारायण के स्वरूप में बनाया गया। इस प्रक्रिया में एक साल का समय लगा। इसके बाद फाइबर मॉडल बनाया गया और जयपुर में इसकी कास्टिंग की गई। मध्यप्रदेश और राजस्थान में इस मूर्ति के विभिन्न हिस्सों पर काम किया गया। फिनिशिंग का काम ढाई साल में पूरा हुआ, जिससे मूर्ति को अंतिम स्वरूप मिला।
ब्रह्मा, विष्णु और महेश का समावेश
प्रतिमा में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का समावेश है। भगवान नारायण एक पुष्प से भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं, जबकि ब्रह्मा जी उनकी नाभि में विराजमान हैं। शेषनाग भगवान के सिर के ऊपर हैं। भगवान लक्ष्मीकांत स्वरूप में हैं, और उनकी चरणों में माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित है। भगवान के समक्ष गरुड़ जी की प्रतिमा है, जिसमें अष्ट नाग हैं। यह प्रतिमा शहादा तक यात्रा करते हुए कई स्थानों से गुजरेगी। गुरुवार सुबह 9 से 11 बजे दर्शन और पूजन के बाद राजवाड़ा से गांधी हॉल तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद यह यात्रा राऊ, महू, मानपुर, ठीकरी, सेंधवा, निवाली, पानसेमल, खेतिया आदि स्थानों से होते हुए 11 जनवरी को शहादा पहुंचेगी। शहादा में विशाल भक्ति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 14 जनवरी को उत्तरायण महापर्व पर प्रतिमा को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा, और 15 जनवरी को महाप्रसादी का आयोजन होगा।
