{"_id":"65b238ef4e113ac4ca055b77","slug":"national-optometry-conference-eye-diseases-glasses-problems-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेशनल कांफ्रेंसः हर व्यक्ति को लग रहे चश्मे और आंखों की बीमारियों के क्या हैं कारण, 28 को बताएंगे विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेशनल कांफ्रेंसः हर व्यक्ति को लग रहे चश्मे और आंखों की बीमारियों के क्या हैं कारण, 28 को बताएंगे विशेषज्ञ
Thu, 25 Jan 2024 04:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 25 Jan 2024 04:03 PM IST
सार
इंदौर में 28 जनवरी को नेशनल ऑप्टोमेट्री कांफ्रेंस "दृष्टि मंथन 24" का आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन में होगा।
विज्ञापन
"दृष्टि मंथन 24" का आयोजन किया जा रहा है।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बदलती जीवनशैली और बिगड़ते वातावरण में तेजी से चश्मे के नंबर में वृद्धि हो रही है। आंखें बहुत ही संवेदनशील होती हैं इसलिए इनसे जुड़ी हर समस्या पर मार्गदर्शन और जागरूकता बहुत जरूरी है। इंदौर डिविजनल ऑप्टोमेट्री ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन एवं ऑप्टोमेट्री काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त संयोजन से रविवार 28 जनवरी को तीसरी नेशनल ऑप्टोमेट्री कांफ्रेंस "दृष्टि मंथन 24" का आयोजन किया जा रहा है।
कांफ्रेंस में अल्पदृष्टि, विजन थेरेपी और बच्चों में बढ़ रहे दृष्टि दोषों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन में होने वाली इस एकदिवसीय कांफ्रेंस में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, पंजाब और कर्नाटक के 200 से अधिक दृष्टि दोष विशेषज्ञ (ऑप्टोमेट्रिस्ट) शामिल होंगे। इंदौर डिविजनल ऑप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ऑप्टोमेट्रिस्ट शैलेन्द्र वैष्णव ने बताया, पिछले कुछ दशकों में चश्मे से जुड़े रोगों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। पहले जिस समस्या को उम्र से जोड़कर देखा जाता था आज युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। 28 जनवरी को होने वाली इस कांफ्रेंस में देश भर के विशेषज्ञ शामिल होंगे एवं अपने अनुभव साझा करेंगे।
वर्तमान परिवेश में बच्चों के असंतुलित खानपान, अव्यवस्थित दिनचर्या, कंप्यूटर एवं मोबाइल के अधिक उपयोग से न केवल चश्मे के नंबर बढ़ने की शिकायत होने लगती है बल्कि उनकी आंखों की नसों में भी असंतुलन होने लगता है। नगर स्कूल ऑफ ऑप्टोमेट्री अहमदाबाद के वरिष्ठ लेक्चरर ऑप्टोमेट्रिस्ट अतानु सामंता विजन थैरेपी पर संबोधित करेंगे एवं बच्चों में होने वाली इन समस्याओं पर उचित समाधान देंगे।
विज्ञापन
इंदौर डिविजनल आप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव ऑप्टोमेट्रिस्ट धर्मेन्द्र आनिया ने बताया, दृष्टि से जुड़ी समस्याओं को लेकर मेडिकल जगत में लगातार नए प्रयोग एवं अविष्कार किए जाते रहे हैं। लोगों को इनकी जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। आंखों की नसों में कमजोरी या जन्मजात विकृति से दृष्टी कम होने की परिस्थिति में जहां पर दवाई, ऑपरेशन और चश्मे भी कामयाब नहीं होते वहां दूरबीन,चश्मे एवं स्टिक्स जैसी कुछ डिवाइसेस का प्रयोग किया जाता है। ये डिवाइसेस मरीजों को अपनी दिनचर्या के काम करने में काफी सहायक होती हैं। भारती विद्यापीठ सांगली महाराष्ट्र में ऑप्टोमेट्री संकाय के विभागाध्यक्ष ऑप्टोमेट्रिस्ट अजित लिमये द्वारा इन सभी की उपयोगिता पर जानकरी दी जाएगी।
इंदौर डिविजन ऑप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता गजराज सिंह पंवार ने बताया, कभी कभी चश्मे से भी आंखों की रोशनी ठीक नहीं होती इसका एक बड़ा कारण रेटिना की बीमारी है। नेत्र रोग परिक्षण एवं निदान में पर्याप्त जानकारी होने के साथ ही अपनी प्रैक्टिस को आधुनिक संसाधनों के साथ अपग्रेड करना बहुत आवश्यक है ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। इस विषय पर कांफ्रेंस में देश के नामचीन ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉ. संजय मेहता द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा।
दृष्टि से जुड़े रोग, सावधानियां एवं उपचार को लेकर जागरूकता फैलाने बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही इस कांफ्रेंस में जन जागरण के उद्देश्य से एक स्मारक पत्रिका "दृष्टि मंथन" का विमोचन किया जाएगा, जो नेत्र दोषों पर जागरूकता एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों पर सटीक जानकारी प्रदान करेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट हेमंत रत्न पारखी को ऑप्टोमेट्री के क्षेत्र अभूतपूर्व कार्यों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
कांफ्रेंस में अल्पदृष्टि, विजन थेरेपी और बच्चों में बढ़ रहे दृष्टि दोषों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन में होने वाली इस एकदिवसीय कांफ्रेंस में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, पंजाब और कर्नाटक के 200 से अधिक दृष्टि दोष विशेषज्ञ (ऑप्टोमेट्रिस्ट) शामिल होंगे। इंदौर डिविजनल ऑप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ऑप्टोमेट्रिस्ट शैलेन्द्र वैष्णव ने बताया, पिछले कुछ दशकों में चश्मे से जुड़े रोगों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। पहले जिस समस्या को उम्र से जोड़कर देखा जाता था आज युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। 28 जनवरी को होने वाली इस कांफ्रेंस में देश भर के विशेषज्ञ शामिल होंगे एवं अपने अनुभव साझा करेंगे।
विज्ञापन
वर्तमान परिवेश में बच्चों के असंतुलित खानपान, अव्यवस्थित दिनचर्या, कंप्यूटर एवं मोबाइल के अधिक उपयोग से न केवल चश्मे के नंबर बढ़ने की शिकायत होने लगती है बल्कि उनकी आंखों की नसों में भी असंतुलन होने लगता है। नगर स्कूल ऑफ ऑप्टोमेट्री अहमदाबाद के वरिष्ठ लेक्चरर ऑप्टोमेट्रिस्ट अतानु सामंता विजन थैरेपी पर संबोधित करेंगे एवं बच्चों में होने वाली इन समस्याओं पर उचित समाधान देंगे।
विज्ञापन
इंदौर डिविजनल आप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव ऑप्टोमेट्रिस्ट धर्मेन्द्र आनिया ने बताया, दृष्टि से जुड़ी समस्याओं को लेकर मेडिकल जगत में लगातार नए प्रयोग एवं अविष्कार किए जाते रहे हैं। लोगों को इनकी जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। आंखों की नसों में कमजोरी या जन्मजात विकृति से दृष्टी कम होने की परिस्थिति में जहां पर दवाई, ऑपरेशन और चश्मे भी कामयाब नहीं होते वहां दूरबीन,चश्मे एवं स्टिक्स जैसी कुछ डिवाइसेस का प्रयोग किया जाता है। ये डिवाइसेस मरीजों को अपनी दिनचर्या के काम करने में काफी सहायक होती हैं। भारती विद्यापीठ सांगली महाराष्ट्र में ऑप्टोमेट्री संकाय के विभागाध्यक्ष ऑप्टोमेट्रिस्ट अजित लिमये द्वारा इन सभी की उपयोगिता पर जानकरी दी जाएगी।
इंदौर डिविजन ऑप्टोमेट्रिस्ट ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता गजराज सिंह पंवार ने बताया, कभी कभी चश्मे से भी आंखों की रोशनी ठीक नहीं होती इसका एक बड़ा कारण रेटिना की बीमारी है। नेत्र रोग परिक्षण एवं निदान में पर्याप्त जानकारी होने के साथ ही अपनी प्रैक्टिस को आधुनिक संसाधनों के साथ अपग्रेड करना बहुत आवश्यक है ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। इस विषय पर कांफ्रेंस में देश के नामचीन ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉ. संजय मेहता द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा।
दृष्टि से जुड़े रोग, सावधानियां एवं उपचार को लेकर जागरूकता फैलाने बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही इस कांफ्रेंस में जन जागरण के उद्देश्य से एक स्मारक पत्रिका "दृष्टि मंथन" का विमोचन किया जाएगा, जो नेत्र दोषों पर जागरूकता एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों पर सटीक जानकारी प्रदान करेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट हेमंत रत्न पारखी को ऑप्टोमेट्री के क्षेत्र अभूतपूर्व कार्यों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
