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MPPSC: छात्रों ने रिजल्ट जारी नहीं करने पर हाईकोर्ट से इच्छामृत्यु मांगी, 25 मई है अगली तारीख
Wed, 22 May 2024 02:22 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 22 May 2024 02:22 PM IST
सार
87-13 फार्मूले में फंसे उम्मीदवारों का सब्र टूटा। साल 2019 से अटके हुए हैं छात्रों के परिणाम।
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- फोटो : Amar ujala
विस्तार
एमपीपीएससी और राज्य सरकार के 87-13 फार्मूले में फंसे उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट से इच्छामृत्यु मांगी है। एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल ईएसबी के 13 फीसदी रिजल्ट रुके हुए हैं। छात्रों ने जबलपुर हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किए जाएं। छात्रों ने कहा है कि यदि रिजल्ट जारी नहीं किए जा रहे हैं तो छात्रों को इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।
13 प्रतिशत रिजल्ट रुके हुए होने के मामल में कर्मचारी चयन मंडल ईएसबी के भी हजारों कर्मचारियों के पद रुके हुए हैं। हजारों उम्मीदवारों को यह पता ही नहीं कि उनका रिजल्ट कब आएगा। 2019 से लेकर अभी तक यह छात्र एमपीपीएससी और राज्य सरकार की नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। 2019 से अब तक एमपीपीएससी ने 87 प्रतिशत छात्रों के रिजल्ट जारी किए हैं और 13 प्रतिशत पदों के फाइनल रिजल्ट रुके हुए हैं। 2019 से 2024 तक 1181 पद रुके हुए हैं।
युवाओं ने जबलपुर हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि हमारे पांच साल के संघर्ष, त्याग और मानसिक पीड़ा को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाए। एमपीपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे ओबीसी के 14 या 27 फीसदी आरक्षण के मामले का हवाला देकर यहां का रिजल्ट रोक रखा है। अब इस केस में 25 मई अगली तारीख लगी है।
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13 प्रतिशत रिजल्ट रुके हुए होने के मामल में कर्मचारी चयन मंडल ईएसबी के भी हजारों कर्मचारियों के पद रुके हुए हैं। हजारों उम्मीदवारों को यह पता ही नहीं कि उनका रिजल्ट कब आएगा। 2019 से लेकर अभी तक यह छात्र एमपीपीएससी और राज्य सरकार की नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। 2019 से अब तक एमपीपीएससी ने 87 प्रतिशत छात्रों के रिजल्ट जारी किए हैं और 13 प्रतिशत पदों के फाइनल रिजल्ट रुके हुए हैं। 2019 से 2024 तक 1181 पद रुके हुए हैं।
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युवाओं ने जबलपुर हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि हमारे पांच साल के संघर्ष, त्याग और मानसिक पीड़ा को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाए। एमपीपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे ओबीसी के 14 या 27 फीसदी आरक्षण के मामले का हवाला देकर यहां का रिजल्ट रोक रखा है। अब इस केस में 25 मई अगली तारीख लगी है।
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