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MP News: इंदौर में चांदीपुरा वायरस नहीं बल्कि अन्य बीमारी से हुई मरीज की मौत, रिपोर्ट आई निगेटिव
Sat, 17 Aug 2024 08:15 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर/खरगोन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर/खरगोन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 17 Aug 2024 08:15 PM IST
सार
रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली। क्योंकि इसका संक्रमण भी फैलता है। चांदीपुरा वायरस की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के गांव पीपलगोन में भी सर्वे किया था।
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चांदीपुरा वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर में चांदीपुरा वायरस की आशंका के चलते अस्पताल में भर्ती मरीज की रिपोर्ट आई है। मरीज के सैंपल में चांदीपुरा वायरस नहीं पाया गया। खरगोन निवासी मरीज की मौत हो चुकी है। मरीज के मस्तिष्क में सूजन और बुखार के लक्षण थे। इसके चलते उसके सैंपल छह दिन पहले पुणे की प्रयोगशाला में भेजे गए थे।
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रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली। क्योंकि इसका संक्रमण भी फैलता है। चांदीपुरा वायरस की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के गांव पीपलगोन में भी सर्वे किया था और संदिग्ध मरीज खोजे गए थे। लेकिन इस तरह के लक्षण अन्य मरीजों में नहीं पाए गए। मरीज की मौत दिमागी बुखार के कारण हुई है। यह मलेरिया का भी एक प्रकार रहता है, लेकिन मरीज की मलेरिया की रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी।
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रिपोर्ट आने से पहले मौत
दिमागी बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज के सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने प्रयोगशाला में भेजे थे। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले मरीज की मौत हो गई। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी बीएल सैत्या ने कहा कि शनिवार को रिपोर्ट प्राप्त हुई है। मरीज की मौत चांदीपुरा वायरस के कारण नहीं हुई।
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क्या है चांदीपुरा वायरस
चांदीपुरा वायरस का पहला केस 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में पाया गया था। तब से वायरस को भी गांव के नाम से कहा जाने लगा। इससे जुड़ी बीमारी दरअसल बैकुलोवायरस से है। यह मच्छर, मक्खी के कारण फैलता है। यह घातक बीमारी है और तेजी से मरीज की तबीयत बिगड़ती है। इसका कोई एंटी वायरस भी नहीं है। दिमाग के अंदरुनी हिस्से में सूजन होना और तेज बुखार आना है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं होता तो मरीज की मौत हो जाती है। यह वायरस छोटे बच्चों को जल्दी अपना शिकार बनाता है।
