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MP Election: दुष्कर्म और फरारी का केस छुपाने के मामले में कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत
Sat, 04 Nov 2023 03:22 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 04 Nov 2023 03:22 PM IST
सार
पत्नी की कंपनी में डायरेक्टर हैं विजयवर्गीय, यह जानकारी भी शपथ पत्र में छुपाई। आरोपों पर विजयवर्गीय ने कहा है कि कांग्रेस डर्टी पॉलिटिक्स कर रही है।
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कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और MP Election में इंदौर विधानसभा एक से प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दुष्कर्म का केस छुपाने के मामले में चुनाव आयोग से शिकायत की गई है। कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला ने यह शिकायत की है। इस मामले में रिटर्निंग ऑफिसर ओमनारायण सिंह बड़कुल पर भी निष्क्रियता बरतने का आरोप लगा है। इसमें एक केस बंगाल में दुष्कर्म और दूसरा छत्तीसगढ़ में फरारी से जुड़ा है। इसके साथ विजयवर्गीय पर पत्नी की कंपनी में डायरेक्टर होने की जानकारी छुपाने की शिकायत अलग से थाने में भी की गई है।
कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला के एडवोकेट सौरभ मिश्रा ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दो आपराधिक केसों को शपथ पत्र से छुपाने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद रिटर्निंग अफसर ने संज्ञान नहीं लिया और फॉर्म पास कर दिया है। वहीं अपने ऊपर लगे आरोपों पर विजयवर्गीय का कहना है कि कांग्रेस डर्टी पॉलिटिक्स पर उतर आई है। मैं ऐसी राजनीतिक कभी नहीं करता। दम है तो मैदान में आकर मुद्दों पर चुनाव लड़े।
पश्चिम बंगाल में दर्ज है दुष्कर्म का केस
पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय पर एक महिला ने दुष्कर्म, अमानत में खयानत सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज करवाया था। कोर्ट के आदेश पर अलीपुर थाने में दर्ज इस केस के खिलाफ विजयवर्गीय ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत को फिर से आदेश पर विचार करने के निर्देश दे दिए। इससे जाहिर है कि अभी केस का निराकरण नहीं हुआ है। इसकी जानकारी उन्होंने नामांकन भरने के दौरान छिपाई।
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छत्तीसगढ़ में फरार घोषित हैं विजयवर्गीय
मिश्रा ने बताया कि विजयवर्गीय ने ऐसे ही खुद के खिलाफ दुर्ग में दर्ज केस की जानकारी चुनाव निर्वाचन आयोग में फॉर्म में भरते समय नहीं दी है। कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित किया है। कई बार समन, वारंट, गिरफ्तारी वारंटी जारी किए होंगे लेकिन विजयवर्गीय ने जमानत नहीं कराई। दो नवंबर को शिकायत के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर ओमनारायण सिंह बडकुल को दी लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
पत्नी की कंपनी में डायरेक्टर हैं विजयवर्गीय, यह जानकारी भी छुपाई
इन दो मामलों की आयोग में शिकायत करने के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला ने थाना रावजी बाजार में भाजपा प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन दिया है। शुक्ला ने आवेदन में लिखा है कि विजयवर्गीय द्वारा चुनाव के लिए भरे गए शपथ पत्र में अपराधों के साथ ही पत्नी की कंपनी के डायरेक्टर एसोसिएशन फॉर सेल्फ हेल्प के संबंध में जानकारी भी छुपाई है। ये सभी जानकारी छुपाकर और गलत जानकारी देकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने का मामला संज्ञेय अपराध है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125 A में और IPC की धारा / 420, 191, 193, 218, 34 में कार्रवाई की जाए।
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कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला के एडवोकेट सौरभ मिश्रा ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दो आपराधिक केसों को शपथ पत्र से छुपाने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद रिटर्निंग अफसर ने संज्ञान नहीं लिया और फॉर्म पास कर दिया है। वहीं अपने ऊपर लगे आरोपों पर विजयवर्गीय का कहना है कि कांग्रेस डर्टी पॉलिटिक्स पर उतर आई है। मैं ऐसी राजनीतिक कभी नहीं करता। दम है तो मैदान में आकर मुद्दों पर चुनाव लड़े।
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पश्चिम बंगाल में दर्ज है दुष्कर्म का केस
पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय पर एक महिला ने दुष्कर्म, अमानत में खयानत सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज करवाया था। कोर्ट के आदेश पर अलीपुर थाने में दर्ज इस केस के खिलाफ विजयवर्गीय ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत को फिर से आदेश पर विचार करने के निर्देश दे दिए। इससे जाहिर है कि अभी केस का निराकरण नहीं हुआ है। इसकी जानकारी उन्होंने नामांकन भरने के दौरान छिपाई।
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छत्तीसगढ़ में फरार घोषित हैं विजयवर्गीय
मिश्रा ने बताया कि विजयवर्गीय ने ऐसे ही खुद के खिलाफ दुर्ग में दर्ज केस की जानकारी चुनाव निर्वाचन आयोग में फॉर्म में भरते समय नहीं दी है। कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित किया है। कई बार समन, वारंट, गिरफ्तारी वारंटी जारी किए होंगे लेकिन विजयवर्गीय ने जमानत नहीं कराई। दो नवंबर को शिकायत के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर ओमनारायण सिंह बडकुल को दी लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
पत्नी की कंपनी में डायरेक्टर हैं विजयवर्गीय, यह जानकारी भी छुपाई
इन दो मामलों की आयोग में शिकायत करने के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला ने थाना रावजी बाजार में भाजपा प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन दिया है। शुक्ला ने आवेदन में लिखा है कि विजयवर्गीय द्वारा चुनाव के लिए भरे गए शपथ पत्र में अपराधों के साथ ही पत्नी की कंपनी के डायरेक्टर एसोसिएशन फॉर सेल्फ हेल्प के संबंध में जानकारी भी छुपाई है। ये सभी जानकारी छुपाकर और गलत जानकारी देकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने का मामला संज्ञेय अपराध है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125 A में और IPC की धारा / 420, 191, 193, 218, 34 में कार्रवाई की जाए।
