फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Makar Sankranti Suryadev ride will start with the echo of Ram name in Indore

Makar Sankranti: इंदौर में राम नाम की गूंज के साथ निकलेगी शनि नव ग्रह मंदिर त्रिवेणी से सूर्यदेव की सवारी

Fri, 05 Jan 2024 05:05 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 05 Jan 2024 05:05 PM IST
सार

इंदौर में राम नाम की गूंज के साथ शनि नव ग्रह मंदिर त्रिवेणी से सूर्य देव की सवारी निकाली जाएगी। बता दें कि यह सप्तम वर्ष होगा, जब मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की सवारी निकाली जाएगी।

विज्ञापन
Makar Sankranti Suryadev ride will start with the echo of Ram name in Indore
आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में 15 से 22 जनवरी तक नव ग्रह शांति एवं अखंड राम चरित मानस पाठ होगा। इसकी 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के समय पूर्ण आहुति होगी। आयोजक इंदौर के आध्यात्मिक गुरु कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया, शनि नव ग्रह मंदिर त्रिवेणी (उज्जैन) जिसमें हर ग्रह का भूगर्भ अलग है, जिसमें ग्रह का क्रम भी खगोल शास्त्र के अनुरूप है। यहां से सप्तम वर्ष की सूर्य देव की सवारी विशेष होगी। क्योंकि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सूर्य के मकर राशि के दौरान होगी।

विज्ञापन


हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सूर्य देव की सवारी मकर राशि में पहुंचेगी पिता-पुत्र दिवस का संदेश लिए। यह सूर्य देव की सवारी राम धुन के साथ निकलेगी। क्योंकि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा उत्सव सूर्य देव की मकर राशि में प्रवेश के बाद ही शुरू होगा। सूर्य देव की 12 कलाओं का ज्ञान भगवान राम को ही था। मकर सक्रांति का आध्यात्मिक खगोलीय ज्योतिष के मुताबिक बड़ा महत्व है। सूर्य देव का गुड़ शनि देव का तिल मिला मीठा-मीठा बोलने का संदेश वर्षों से देते आ रहे हैं।
विज्ञापन


इस वर्ष भी सवारी का संदेश पिता-पुत्र के रिश्तों में मिठास बनी रहे। ज्योतिषी में सूर्य देव शनि देव पिता-पुत्र होते हुए भी पारस्परिक शत्रु हैं, पर एक दूसरे के घर आना-जाना बंद नहीं करते। यही संदेश समाज को देना चाहते हैं कि मकर सक्रांति पर रिश्तों में भी बोली के साथ मधुरता आए। मकर सक्रांति पर दान का महत्व है, धन के साथ-साथ समय का दान अपने रिश्ते संवारने में आपसी कड़वाहट भुला कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वप्रथम शनि त्रिवेणी मंदिर के सूर्य देव के गर्भ गृह से मंदिर से 101 बटुक ब्राह्मण राम धुन पर सूर्य नमस्कार के बाद पालकी में सवार सूर्य ग्रह की सवारी रामधुन ताशे ढोल फूलो की तोपो त्रिवेणी नदी ले जाएंगे। अर्घ्य देकर सूर्य मंत्र आदित्य ह्रदय स्त्रोत के वाचन राम रक्षा स्त्रोत वचन के साथ गणमान्य नागरिकों के साथ शनि मंदिर के शनि गर्भ में विराजित होगी। जहां पिता-पुत्र मिलन होगा, बटुक ब्राह्मण पुत्र के रूप में वयो वृद्ध एवं सरकार का प्रतिनिधत्व करने वाले सूर्य के रूप में शामिल होंगे। सूर्य मंत्र एवं शनि मंत्रों के साथ रामचरित मानस का अखंड पाठ शनि नवग्रह मंदिर में चलेगा। 22 जनवरी को समापन 12:38 पर सम्पन्न होगा।

कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है

  • 11:45 सूर्य नमस्कार, 101 बटुक ब्राह्मण द्वारा रामधुन पर

  • 15 जनवरी, स्थान शनि नव ग्रह मंदिर प्रांगण, समय 12 बजे सूर्य देव की सवारी

  • 12:30 बजे पिता पाद पूजन

  • 12:38 बजे नव ग्रह शांति अखंड राम चरित मानस बटुक ब्राह्मणों द्वारा, जो 22 जनवरी रामभगवान की प्राण प्रतिष्ठा पर समाप्त होगा।

  • 1:30 बजे भोजन प्रसादी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed