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Indore News: पेड़ों की कटाई के प्रश्न पर प्रेस कान्फ्रेंस छोड़कर चले गए विजयवर्गीय, 51 लाख पौधे लगाएंगे
Thu, 30 May 2024 09:56 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 30 May 2024 09:56 PM IST
सार
एमओजी लाइन और हुकुमचंद मिल के पेड़ों की कटाई पर कोई जवाब नहीं दिया, 51 लाख पौधे लगाने की बात की
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प्रेस वार्ता छोड़कर गए कैलाश विजयवर्गीय।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि वे जुलाई में एक ही दिन में शहर की जनता के साथ तीन घंटे में 51 लाख पौधे लगाएंगे। इसी सिलसिले में उन्होंने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता आयोजित की। ग्लोबल गार्डन में हुई इस प्रेस वार्ता में एमओजी लाइन और हुकुमचंद मिल के पेड़ों की कटाई के विषय में उन्होंने चुप्पी साध ली।
इंदौर में दस साल बाद रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पढ़ने के बाद नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर नजर आ रही हैं लेकिन नेता लगातार हो रही पेड़ों कटाई को लेकर कहीं भी चिंतित नजर नहीं आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 51 लाख पेड़ लगाने के लिए मुहिम शुरू की है। इसी सिलसिले में उन्होंने ग्लोबल गार्डन में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में जब यह प्रश्न आया कि एमओजी लाइन, हुकुमचंद मिल और अन्य जगहों के पेड़ों की कटाई रोकने के लिए क्या कर रहे हैं तो उन्होंने तुरंत प्रेस वार्ता समाप्त कर दी।
विजयवर्गीय बोले मैं जागरूकता लाने का प्रयास कर रहा
इससे पहले प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जिस तरीके से भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ रहा है। इंदौर में भी तापमान ने रिकॉर्ड बनाया है। मुझे लगता है कि यदि हमने समाज को जागृत नहीं किया तो आने वाला समय हमारे लिए बहुत खराब हो सकता है, इसीलिए अभी जितनी हमारी जनसंख्या है। उसके हिसाब से इस शहर में लगभग 25 करोड़ पेड़ होने चाहिए। इंदौर जिले में बमुश्किल 4 से 5 करोड़ पेड़ हैं। हमें संकल्प लेकर अगले पांच साल में 25 करोड़ पेड़ लगाने चाहिए। तब इस शहर में हम शुद्ध ऑक्सीजन ले सकेंगे और हमें प्रदूषण से हमें मुक्ति मिलेगी। हमने नगर निगम, आईडीए सभी के साथ बैठकर निर्णय लिया है कि सभी विभाग मिलकर 51 लाख पेड़ लगाएंगे। इसके लिए हम लोग पूरे समाज में जागृति अभियान शुरू करेंगे।
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाएंगे
संकल्प लेकर हर व्यक्ति हर साल 10 पेड़ लगाएगा तो हमारे 25 करोड़ पेड़ों का टारगेट 4 से 5 साल में पूरा हो जाएगा। मुझे लगता है सामाजिक दायित्व समझकर लोगों को इसका निर्वहन करना चाहिए। पैसे तो सब कमाते हैं। परिवार के लिए आप बंगला छोड़ जाएंगे, कार छोड़ जाएंगे। सोना चांदी छोड़ जाएंगे और जमीन जायदाद छोड़ जाएंगे पर ऑक्सीजन कहां से लाएंगे। हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए शहर को ऑक्सीजन झोन भी हमको ही बनाना पड़ेंगे। आज इस गार्डन में आया हूं यहां 12,000 पेड़ लगे हुए हैं। जिसे ग्लोबल गार्डन कहा जाता है। इस गार्डन में डेढ़ एकड़ जमीन में पेड़ लगे हैं। अलग-अलग प्रजाति के पेड़ हैं। जल्दी सभी पार्षद दलों की बैठक लेने वाला हूं। हरित क्रांति का एक आंदोलन चलाएंगे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यह आए। 51 लाख पेड़ तीन से चार घंटे में लगाएंगे। सुबह आठ बजे से चालू कर 12 बजे तक 51 लाख पेड़ लगाए जाएं। इसकी कोशिश करेंगे।
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इंदौर में दस साल बाद रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पढ़ने के बाद नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर नजर आ रही हैं लेकिन नेता लगातार हो रही पेड़ों कटाई को लेकर कहीं भी चिंतित नजर नहीं आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 51 लाख पेड़ लगाने के लिए मुहिम शुरू की है। इसी सिलसिले में उन्होंने ग्लोबल गार्डन में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में जब यह प्रश्न आया कि एमओजी लाइन, हुकुमचंद मिल और अन्य जगहों के पेड़ों की कटाई रोकने के लिए क्या कर रहे हैं तो उन्होंने तुरंत प्रेस वार्ता समाप्त कर दी।
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विजयवर्गीय बोले मैं जागरूकता लाने का प्रयास कर रहा
इससे पहले प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जिस तरीके से भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ रहा है। इंदौर में भी तापमान ने रिकॉर्ड बनाया है। मुझे लगता है कि यदि हमने समाज को जागृत नहीं किया तो आने वाला समय हमारे लिए बहुत खराब हो सकता है, इसीलिए अभी जितनी हमारी जनसंख्या है। उसके हिसाब से इस शहर में लगभग 25 करोड़ पेड़ होने चाहिए। इंदौर जिले में बमुश्किल 4 से 5 करोड़ पेड़ हैं। हमें संकल्प लेकर अगले पांच साल में 25 करोड़ पेड़ लगाने चाहिए। तब इस शहर में हम शुद्ध ऑक्सीजन ले सकेंगे और हमें प्रदूषण से हमें मुक्ति मिलेगी। हमने नगर निगम, आईडीए सभी के साथ बैठकर निर्णय लिया है कि सभी विभाग मिलकर 51 लाख पेड़ लगाएंगे। इसके लिए हम लोग पूरे समाज में जागृति अभियान शुरू करेंगे।
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाएंगे
संकल्प लेकर हर व्यक्ति हर साल 10 पेड़ लगाएगा तो हमारे 25 करोड़ पेड़ों का टारगेट 4 से 5 साल में पूरा हो जाएगा। मुझे लगता है सामाजिक दायित्व समझकर लोगों को इसका निर्वहन करना चाहिए। पैसे तो सब कमाते हैं। परिवार के लिए आप बंगला छोड़ जाएंगे, कार छोड़ जाएंगे। सोना चांदी छोड़ जाएंगे और जमीन जायदाद छोड़ जाएंगे पर ऑक्सीजन कहां से लाएंगे। हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए शहर को ऑक्सीजन झोन भी हमको ही बनाना पड़ेंगे। आज इस गार्डन में आया हूं यहां 12,000 पेड़ लगे हुए हैं। जिसे ग्लोबल गार्डन कहा जाता है। इस गार्डन में डेढ़ एकड़ जमीन में पेड़ लगे हैं। अलग-अलग प्रजाति के पेड़ हैं। जल्दी सभी पार्षद दलों की बैठक लेने वाला हूं। हरित क्रांति का एक आंदोलन चलाएंगे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यह आए। 51 लाख पेड़ तीन से चार घंटे में लगाएंगे। सुबह आठ बजे से चालू कर 12 बजे तक 51 लाख पेड़ लगाए जाएं। इसकी कोशिश करेंगे।
