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आज भी ऐसे परिवार: एक साथ भोजन करते हैं 38 सदस्य, किचन में सभी महिलाओं का बराबरी से राज
Sat, 18 Feb 2023 04:46 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 18 Feb 2023 04:46 PM IST
सार
आज के जमाने में संयुक्त परिवार बहुत कम देखने को मिलते हैं। संयुक्त परिवारों का क्या सुख होता है यह इंदौर के कृष्णा मिश्रा लोगों को सिखा रहे हैं।
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संयुक्त परिवार
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
महाशिवरात्रि का दिन आयोजनों के लिए बेहद खास होता है। आज सुबह से इंदौर में बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। मंदिरों, संस्थाओं के साथ सामाजिक समूह भी कई आयोजन कर रहे हैं। इसी कड़ी में इंदौर के कृष्णा मिश्रा गुरुजी महाशिवरात्री को एक अलग ही अंदाज में मनाते हैं। वे मानते हैं कि भगवान शिव ने भारतीय संस्कृति में परिवार के महत्व का जो संदेश दिया वह आज भी हमारी संस्कृति में खास स्थान रखता है। इसी वजह से दुनिया के अन्य देशों की तुलना में आज भी भारत में संयुक्त परिवार की व्यवस्था बरकरार है।
कृष्णा मिश्रा गुरुजी महाशिवरात्रि के मौके पर संयुक्त परिवार दिवस का आयोजन करते हैं। इस बार भी उन्होंने शहर के चुनिंदा परिवारों के साथ इसका आयोजन किया। इस बार उन्होंने चितवाद में रहने वाले सुमित मिश्रा के घर का चयन किया। सुमित के घर में मां और भाईयों के साथ 27 सदस्य एक साथ एक किचन में खाना बनाते हैं। वहीं बजरंग नगर निवासी अशोक शर्मा का छह भाईयों का परिवार है। उनके यहां पर 38 लोग एक साथ खाना खाते हैं। नियम से भोजन के पहले भजन करते हैं। दोनों ही परिवारों में महिलाएं किचन में एक साथ खाना बनाती हैं और सभी किचन में बराबरी से हक रखती हैं। कृष्णा मिश्रा ने कहा कि यह परिवार आज के युग में मिसाल हैं। हमारी नई पीढ़ी को इनसे सीखना चाहिए।
मुखिया की जिम्मेदारी सबसे अहम
आयोजन के बाद गुरुजी ने कहा इन संयुक्त परिवार के मुखिया का रोल सबसे अहम है। उसे कई बार कड़वे घूंट पीकर भी परिवार को एक साथ बनाए रखना होगा। उसे भगवान शिव की तरह नीलकंठ बनकर रहना होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार का विघटन समाज की प्रमुख समस्या है। संयुक्त परिवार में रहने वाला कभी अकेलेपन और तनाव का शिकार नहीं होता। गुरुजी ने इस मौके पर सभी सदस्यों को शिव सत्संग के बाद शिव ध्यान करवाया और संयुक्त परिवार में रहने का संकल्प दिलवाया। कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर की भारती मंडलोई, मधुकर पवार, आकाश नागर और पिंकू यादव भी इस मौके पर मौजूद रहे।
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कृष्णा मिश्रा गुरुजी महाशिवरात्रि के मौके पर संयुक्त परिवार दिवस का आयोजन करते हैं। इस बार भी उन्होंने शहर के चुनिंदा परिवारों के साथ इसका आयोजन किया। इस बार उन्होंने चितवाद में रहने वाले सुमित मिश्रा के घर का चयन किया। सुमित के घर में मां और भाईयों के साथ 27 सदस्य एक साथ एक किचन में खाना बनाते हैं। वहीं बजरंग नगर निवासी अशोक शर्मा का छह भाईयों का परिवार है। उनके यहां पर 38 लोग एक साथ खाना खाते हैं। नियम से भोजन के पहले भजन करते हैं। दोनों ही परिवारों में महिलाएं किचन में एक साथ खाना बनाती हैं और सभी किचन में बराबरी से हक रखती हैं। कृष्णा मिश्रा ने कहा कि यह परिवार आज के युग में मिसाल हैं। हमारी नई पीढ़ी को इनसे सीखना चाहिए।
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मुखिया की जिम्मेदारी सबसे अहम
आयोजन के बाद गुरुजी ने कहा इन संयुक्त परिवार के मुखिया का रोल सबसे अहम है। उसे कई बार कड़वे घूंट पीकर भी परिवार को एक साथ बनाए रखना होगा। उसे भगवान शिव की तरह नीलकंठ बनकर रहना होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार का विघटन समाज की प्रमुख समस्या है। संयुक्त परिवार में रहने वाला कभी अकेलेपन और तनाव का शिकार नहीं होता। गुरुजी ने इस मौके पर सभी सदस्यों को शिव सत्संग के बाद शिव ध्यान करवाया और संयुक्त परिवार में रहने का संकल्प दिलवाया। कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर की भारती मंडलोई, मधुकर पवार, आकाश नागर और पिंकू यादव भी इस मौके पर मौजूद रहे।
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