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Indore:इंदौर में डामर की सड़कों के बजाए बनेगी व्हाइट टाॅपिंग रोड, प्रदेश की पहली सड़क का काम शुरू

Mon, 18 Nov 2024 06:24 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 18 Nov 2024 06:24 PM IST
सार

व्हाइट टापिंग सीमेंट कांक्रीट तकनीक में मिलिंग मशीन की मदद से पुरानी डामर की सड़क की उपरी परत पर कांक्रीट का मोटा लेप किया जाता है। इससे समय और संसाधनों की बचत होती है।

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Indore: White topping road will be built instead of asphalt roads in Indore, work on the first road in the sta
पहली व्हाइट टॉपिंग की सड़क इंदौर में - फोटो : amar ujala

विस्तार

इंदौर में परंपरागत डामर की सड़कों से अब नगर निगम तौबा करेगा,क्योकि बारिश में हर साल यह उखड़ जाती है और सड़कों पर होने वाले गड्ढों के कारण नगर निगम की बदनामी होती है। इंदौर में अब डामर की सड़कों के बजाए व्हाइट टाॅपिंग रोड बनेंगे। जिनके रखरखाव की जरुरत दस सालों तक नहीं पड़ेगी।

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इसके निर्माण की लागत भी डामर की सड़कों से कम है। प्रयोग के तौर पर प्रदेश की पहली व्हाइट टाॅपिंग रोड डेंटल काॅलेज चौराहा से एबी रोड तक बनाने का काम सोमवार को शुरू हुआ।

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महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर की डामर की सड़कों पर हर बार पेंचवर्क करना पड़ता था। वहां नई तकनीक से सड़क बनाई जाएगी। पहली सड़क वाले माॅडल को हम प्रयोग के तौर पर ले रहे है। जनकार्य प्रभारी राजेन्द्र राठौर ने बताया कि व्हाइट टॉपिंग विधि से सड़क बनाने के लिए दीपावली के पूर्व भूमि पूजन किया गया था। अब काम शुरू किया गया।

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मध्य प्रदेश की पहली व्हाइट टॉपिंग की सड़क इंदौर में

 

-व्हाइट टापिंग सीमेंट कांक्रीट तकनीक में मिलिंग मशीन की मदद से पुरानी डामर की सड़क की उपरी परत पर कांक्रीट का मोटा लेप किया जाता है। इससे समय और संसाधनों की बचत होती है। व्हाइट टापिंग सीमेंट कांक्रीट तकनीक में एम-40 ग्रेड सीमेंट क्राकिंट में फाइबर बुरादा भी उपयोग किया जाता है।

-नई तकनीक से सड़क बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। ट्रैफिक भी बाधित नहीं होता। सीमेंट की सड़क पर 25 दिन तक तरी करना पड़ती है।

-इंदौर में रीगल से पलासिया चौराहा और रीगल से मधुमिलन चौराहा तक नई तकनीक से सड़क बनाई जाएगी।

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