इंदौर: इस साल कम बारिश के कारण जलसंकट, मंत्री विजयवर्गीय ने कहा-जल नीति बनाकर पानी की खपत कम करे
इंदौर में औसत से 14 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण अगले साल संभावित जलसंकट को लेकर नगर निगम ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर जल प्रबंधन और पानी की बर्बादी रोकने पर चर्चा की।
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इंदौर में इस बार औसत से कम बारिश होने के कारण अगले साल संभावित जलसंकट को लेकर नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। जलसंकट से कैसे निपटा जाए, इसको लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें शहर में पानी की उपलब्धता, उसके उपयोग और भविष्य में संभावित कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। साथ ही पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए वाटर पॉलिसी तैयार करने पर जोर दिया गया।
दरअसल, कम बारिश का असर आने वाले समय में जलस्रोतों और पानी की उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में शहर में नियमित जलापूर्ति बनाए रखना नगर निगम और संबंधित विभागों के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि जलसंकट से निपटने के लिए सरकार से 50 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा गया है।
वाटर पॉलिसी के तहत पानी की खपत कम करने, जल की बर्बादी रोकने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाई जाएगी। आने वाले दिनों में पानी की कमी होने पर उससे निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जल संरक्षण और पानी के उचित उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। बैठक का उद्देश्य समय रहते ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे कम बारिश की स्थिति में भी शहर में पानी की उपलब्धता और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि इस बार इंदौर में औसत से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसी को देखते हुए मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर पानी की बर्बादी रोकने और आम लोगों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए योजना बनाने पर जोर दिया।
