Indore: ब्लैक स्पाॅट बने राऊ सर्कल का पूरा ब्रिज ट्रैफिक के लिए खुला, अब हादसों पर लगेगी रोक
इस सर्कल से एक दिन में 70 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते है।40 करोड़ की लागत से इस ब्रिज का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने किया है। वर्ष 2022 में इस ब्रिज का काम शुरू हुआ था।
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इंदौर के राऊ सर्कल पर बने ब्रिज की दूसरी भुजा शुक्रवार को ट्रैफिक के लिए खोल दी गई। अब देवास की तरफ से आने वाले भारी वाहन सीधे ब्रिज होते हुए खलघाट की तरफ आ जा सकेंगे। इस चौराहे पर ब्रिज नहीं होने के कारण यहां अक्सर हादसे होते थे।
इसकी गिनती शहर के सबसे बड़े ब्लैक स्पाॅट में होने लगी थी। सालभर में यहां दस लोगों की मौत सड़क हादसे में हो गई थी,क्योकि सर्कल के आसपास की टाउनशिपों के लोग इस चौराहे से आवाजाही करते है। यहां भारी वाहनों का भी काफी दबाव रहता है।
अब ब्रिज पर ट्रैफिक शुरू होने से 60 प्रतिशत भारी वाहन ब्रिज से होकर गुजर रहे है। इस सर्कल से एक दिन में 70 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते है।40 करोड़ की लागत से इस ब्रिज का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने किया है। वर्ष 2022 में इस ब्रिज का काम शुरू हुआ था। पिछले साल ही ब्रिज का निर्माण पूरा होना था, लेकिन आठ माह की देरी से ब्रिज का निर्माण पूरा हुआ।
एक माह पहले ब्रिज की एक भुजा ट्रैफिक के लिए खोली गई थी। अब दूसरी भुजा से भी वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। बगैर किसी औपचारिकता के अफसरों ने वाहनों के लिए ब्रिज खोल दिया। इसके बाद चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया। नए ब्रिज की लंबाई 1.22 किलोमीटर है,जबकि चौड़ाई 30 मीटर। निर्माण कंपनी को पांच साल तक ब्रिज का रखरखाव भी करना है।
ट्रैफिक के लिए ब्रिज खोलने से पहले लोड टेस्ट किया गया। इस ब्रिज पर ज्यादातर भारी वाहन गुजर रहे है। इस कारण मजबूती का ज्यादा ध्यान रखा गया है।
