Indore: जिस बीआरटीएस को तोड़ने की तैयारी, उस पर निगम ने करा दिया कलर पेंट
शहर की जनता भी सरकार के इस फैसले हैरान है,क्योकि यह देश का पहला बीआरटीएस प्रोेजेक्ट था। जिसे केंद्र सरकार ने मंजूर किया था। इसके बाद पुणे, दिल्ली, अहमदाबाद में बीआरटीएस बना। इंदौर बीआरटीएस पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जनता की कमाई किस तरह फिजूलखर्च होती है। इसकी बानगी एक बार फिर इंदौर में देखने को मिली। हाल ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर यात्रा के दौरान बीआरटीएस को तोड़ने के निर्णय का जिक्र किया। उसके बजाए ब्रिज बनाए जाएंगे, लेकिन नगर निगम उस बीआरटीएस की बस लेन की कलर पेंट करा रहा है। जिसे भविष्य में तोड़ा जाएगा। दोनों तरफ के डिवाइडरों के अलावा रैलिंग पर हुए पेंट में नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर दिए, जो किसी काम के नहीं रहेंगे। कोर्ट से अनुमति मिलते ही इसे तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा।
यह कलर पेंट विजय नगर चौराहा से लेकर एलआईजी चौराहा तक पिछले सप्ताह ही कराया गया,क्योकि इंदौर में होने वाली इंटरनेशनल मीटिंग और स्वच्छता रैंकिंग सर्वे होना है। इस कारण बीआरटीएस को भी सजाया गया है। बस लेन की रैंलिग में सजावटी पौधे भी लगाए गए है, लेकिन वे सब तोड़ दिए जाएंगे।
शहर की जनता भी सरकार के इस फैसले हैरान है,क्योकि यह देश का पहला बीआरटीएस प्रोेजेक्ट था। जिसे केंद्र सरकार ने मंजूर किया था। इसके बाद पुणे, दिल्ली, अहमदाबाद में बीआरटीएस बना। इंदौर बीआरटीएस पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस पर चलने वाली बसों में हर दिन 70 हजार से ज्यादा यात्री करते है,लेकिन बीआरटीएस तोड़ने के निर्णय से 300 करोड़ के निर्माण तो टूटेगा,लेकिन शहर की लोक परिवहन व्यवस्था भी कमजोर हो जाएगी। उधर मेयर पुष्य मित्र भार्गव का कहना है कि 11 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बसें संचालित होती रहेगी। सिर्फ बस लेन को हटाया जाएगा।
