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इंदौर: इंदौर में देवी अहिल्या की 231 वीं पुण्यतिथि मनाई गई, गांधी हाॅल से राजवाड़ा तक निकली पालकी

Thu, 10 Sep 2026 09:37 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Thu, 10 Sep 2026 09:37 PM IST
सार

इंदौर में गुरुवार को देवी अहिल्या की 231वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। गांधी हॉल से राजवाड़ा तक निकली पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पालकी का स्वागत कर देवी अहिल्या के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।

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Indore: The 231st death anniversary of Devi Ahilya was observed in Indore; a palanquin procession was taken ou
देवी अहिल्या की पालकी। - फोटो : amarujala

विस्तार

इंदौर में गुरुवार को देवी अहिल्या की 231वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर गांधी हॉल से राजवाड़ा तक देवी अहिल्या की पालकी निकली। शहरवासियों ने पालकी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पालकी का स्वागत करने के लिए जगह-जगह स्वागत मंच भी लगाए गए थे।

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इस मौके पर विद्वत धर्मसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय शास्त्री वैद्य ने कहा कि नाम लेने से पुण्य की प्राप्ति होती है, वे ही पुण्यश्लोका कहलाती हैं। समर्थ गुरु रामदास ने कहा है कि जो देश का, धर्म का, राष्ट्र का कार्य मनोभाव से करते हैं, वे साक्षात् देव अवतार होते हैं।

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शास्त्री ने आगे कहा कि देवी अहिल्या बाई ने ही सर्वप्रथम महिलाओं की शिक्षा के बारे में सोचा था और अपने राज्य की महिलाओं की शिक्षा के लिए, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और संस्कारित करने के लिए योगदान दिया। सिर्फ इंदौर ही नहीं, पूरे देश में उनकी यशोगाथा गाई जाती है। देशभर में बनाए गए मंदिर, घाट और धर्मशालाएं उनकी कीर्ति आज भी गा रही हैं।

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समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल थे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या की नेतृत्व क्षमता और दक्षता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके कार्य और नेतृत्व को याद करते हुए हम उनकी जयंती और पुण्यतिथि उत्सव के रूप में मनाते हैं। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी उपस्थित थे।

 

इस अवसर पर गुणीजन सम्मान से ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रसिद्ध शिक्षक हेमचंद्र जोशी को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षकों की आज बहुत जरूरत है। अहिल्या उत्सव के दौरान विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।


 

देवी अहिल्या की पालकी शाम को गांधी हॉल से शुरू हुई। इस बार मुस्लिम महिलाओं ने पालकी के पास पहुंचकर उसकी पूजा की और पुष्प अर्पित किए। पालकी के आगे भजन मंडलियां और अश्व दल चल रहे थे। पुलिस बैंड ने भी सुरमधुर स्वर लहरियां बिखेरीं। दिव्यांग गायक कैलाश शर्मा ट्राइसाइकिल पर सवार होकर भजनों की प्रस्तुति देते हुए पूरे समय पालकी यात्रा में शामिल हुए।पालकी पूजन पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, सुधीर देड़गे, रामस्वरूप मूंदड़ा और शरयू वाघमारे ने किया। संचालन प्रकाश पारवानी ने किया।

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