Indore: कैट के डाकघर मेें घुसा निलंबित पोस्टल असिस्टेंट, जासूसी के मामले में जांच
डाकघर के पोस्टमास्टर रविशंकर ने रुपक से परिचय पत्र मांगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद रवि शंकर ने वरिष्ठ अफसरों को काॅल कर बात की तो पता चला कि रुपक पोस्टल असिस्टेंट के पद पर था, लेकिन निलंबित हैै।
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इंदौर के राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र में घुसे निलंबित पोस्टल असिस्टेंट अवैध तरीके से घुस गया और दस्तावेज चेक करने लगा। कर्मचारियों को शंका होेने पर पुलिस को सूचना दी गई। उसके पास दो केंद्रीय एजेसियों के कार्ड भी मिले है।
इसे लेकर अब आईबी आरोपी से जासूसी के एंगल से पूछताछ करेगी और कार्ड के बारे में पूछेगी। उसके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपी मुख्य डाकघर में पदस्थ था, लेकिन उसे निलंबित कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। वह केट परिसर में किस वजह से आया था, यह भी पता लगाया जा रहा हैै।
घटना सोमवार की है। एमआईजी निवासी रुपक पिता आलमचंद्र पंथी सुबह साढ़े दस बजे कैट परिसर के डाकघर में आया। उसने अपना परिचय डायरेक्टर पोस्टल सर्विस के रुप में दिया और दस्तावेज चेक करने लगा।
डाकघर के पोस्टमास्टर रविशंकर ने रुपक से परिचय पत्र मांगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद रवि शंकर ने वरिष्ठ अफसरों को काॅल कर बात की तो पता चला कि रुपक पोस्टल असिस्टेंट के पद पर था, लेकिन निलंबित हैै।
इसके बाद रविशंकर ने कैट के सुरक्षा स्टाॅफ को इसकी जानकारी दी। जब सुरक्षाकर्मियों ने उसकी जांच की तो उसके पास से रक्षा मंत्रालय और नेशनल इंटेलिजेंस ब्यूरो के कार्ड मिले। कार्ड मिलने के मामले में आईबी भी रुपक से जासूसी के एंगल से पूछताछ करेगी। रुपक दो साल पहले कर्मचारियों से बदसलूकी के मामले में निलंबित हुआ था। उसकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं है। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचित किया हैै।
