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Indore:प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले -भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच होना चाहिए

Fri, 09 Jan 2026 07:40 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 09 Jan 2026 07:40 PM IST
सार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्टर शिवम वर्मा के आरएसएस कार्यालय जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा इस देश को चलाने का मजबूत आधार स्तंभ है। अफसर अब आरएसएस कार्यालय पर जाने के लिए मजबूर क्यों हो रहे।  

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Indore: State Congress President Jitu Patwari said – there should be a judicial inquiry into the Bhagirathpura
पटवारी प्रदर्शन में भी हुए शामिल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत होना गंभीर मामला है। इसकी न्यायिक जांच होना चाहिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय  इलाके के विधायक है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था, वे नहीं दे रहे तो मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस्तीफा लेना चाहिए। मुख्यमंत्री को इंदौर का प्रभार छोड़ना चाहिए।

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पटवारी ने इंदौर नगर निगम को बीते कई वर्षों में एक लाख करोड़ का फंड मिला। इतने में तो पूरा शहर नया बस सकता था, लेकिन विकास के लिए आया पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। स्वच्छता में तीन साल तक इंदौर में अच्छा काम हुआ, लेकिन उसके बाद आंकड़ों की बाजीगरी चलती रही। यदि वास्तव में सफाई होती तो फिर लाइनों में गंदा पानी नहीं बहता।

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उन्होंने कहा कि हम इंदौर को बचाना चाहते है, इसलिए इंदौर में न्याय यात्रा निकाल रहे है। शहरवासियों के साथ चुनी हुई भाजपा परिषद, जनप्रतिनिधि अन्यायर कर रहे है। जो भी इस शहर का भला चाहता है, वो इस यात्रा में शामिल हो सकता है। पटवारी ने कलेक्टर शिवम वर्मा के आरएसएस कार्यालय जाने पर भी सवाल उठाया।

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कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर दिया। योजना बदली नहीं समाप्त कर दी। मजदूरों का अधिकार छिनकर महिमा मंडन किया। रामजी जी के नाम अच्छे काम हुए। पहली बार मजदूरों के अधिकारों के हनन में रामजी के नाम का उपयोग किया गया। शिवराज जब मुख्यमंत्री थे, तब परिवारों को औसतन 42 दिन ही मजदूर दिवस दिए। अब कृषि मंत्री रहते हुए बोल रहे है कि उसमें भ्रष्टाचार हो रहा था, इसलिए नाम बदला,लेकिन मुख्यमंत्री रहते शिवराज को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए किसने रोका था।

 

उन्होंने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश के मजदूर मजदूरी के लिए जा रहे है, क्योंकि मध्य प्रदेश में उन्हें मजदूरी नहीं मिलती है। यह सरकार की विफलता है। उन्होंने कहा कि इंदौर में कलेक्टर आरएसएस के दफ्तर में जा रहे है। यह संवैधानिक व्यवस्था के चरमराने के संकेत है।

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