{"_id":"67b754e2d1c8d4773604a71c","slug":"indore-shops-were-built-on-a-50-year-old-stepwell-the-corporation-demolished-the-construction-and-got-it-fre-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: 50 साल पुरानी बावड़ी पर बना ली थी दुकानें, निगम ने निर्माण तोड़ मुक्त कराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: 50 साल पुरानी बावड़ी पर बना ली थी दुकानें, निगम ने निर्माण तोड़ मुक्त कराई
Thu, 20 Feb 2025 09:44 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 20 Feb 2025 09:44 PM IST
सार
मामले की गंभीरता को समझते हुए निगमायुक्त शिवम वर्मा ने जोन के संबंधित भवन अधिकारी को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। सुबह रिमूवल गैंग पहुंची और बावड़ी से दुकानों को जेसीबी से तोड़ दिया। अब बावड़ी के चारों तरफ तारों की बाउंड्री बनाई गई है।
विज्ञापन
वल्लभ नगर में दुकानें तोड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर के वल्लभ नगर क्षेत्र में नगर निगम मार्केट के पास बनी 50 साल पुरानी बावड़ी रिमूवल गैंग ने अतिक्रमण से मुक्त कराई है। कब्जेधारियों ने बावड़ी पर स्लैब डालकर दुकानें बना ली थी और उससे मोटा किराया वसूला जा रहा था।
विज्ञापन
कुछ दिनों पहले ही उसके बारे में अफसरों को पता चला था और उन्होंने नोटिस दिया था। बावड़ी को अतिक्रमण मुक्त करने की एक वजह यह भी थी कि डेढ़ साल पहले इंदौर में एक बावड़ी पर अतिक्रमण कर मंदिर बना लिया गया था और स्लैब टूटने की वजह से 36 लोगों की बावड़ी में डूबने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
वल्लभ नगर स्थित नगर निगम मार्केट में प्राचीन बावडी पर दुकानदारों ने स्लै डालकर कब्जा कर लिया गया था। वर्षों पुरानी बावड़ी होने जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी। इस कारण कभी भी कोई दुघर्टना घट सकती है।
विज्ञापन
मामले की गंभीरता को समझते हुए निगमायुक्त शिवम वर्मा ने जोन के संबंधित भवन अधिकारी को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। सुबह रिमूवल गैंग पहुंची और बावड़ी से दुकानों को जेसीबी से तोड़ दिया। अब बावड़ी के चारों तरफ तारों की बाउंड्री बनाई गई है। जल्दी ही उसे सुरक्षित किया जाएगा।
आपको बता दे कि डेढ़ साल पहले पटेल नगर बावड़ी हादसे के बाद नगर निगम ने 100 से ज्यादा कुंए और बावड़ी वाले अतिक्रमण चिन्हित किए थे। कुछ बावडि़यों को अतिक्रमण मुक्त किया गया, लेकिन फिर मुहिम ठंडी पड़ गई।
