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Indore: इंदौर में बिना बूंदों के आया सावन, सजे शिवालय, भक्त पहुंचे पूजा अर्चना करने

Fri, 11 Jul 2025 11:30 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 11 Jul 2025 11:30 AM IST
सार

इंदौर में देवगुराडि़या के अलावा देवी अहिल्याबाई द्वारा जीर्णोद्धार किए गए प्राचीन शिव मंदिर है। इंदौर का सबसे प्राचीन इंद्रेेश्वर मंदिर है। इस मंदिर के कारण शहर का नाम इंदौर पड़ा। यहां का शिवलिंग होलकरशासन काल से भी पहले स्थापित है। 

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Indore: Sawan came in Indore without any raindrops, Shiva temples were decorated, devotees reached to offer pr
मंदिरों मेें शिव का अभिषेक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में श्रावण मास तो शुरू हो गया। सावन के झूले सज गए है, लेकिन सावन के फेरे नहीं आ रहे है। बिना बूंदों के सावन इस बार आया। स्वागत सुबह हल्की धूप ने किया। सावन मास में शहर के शिवालय सज गए है। शुक्रवार सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। पूरे सावन माह में मंदिरों में पूजन, जलाभिषेक और अनुष्ठान होंगे। सावन माह के चारों सोमवारों पर मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे।

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इंदौर के गेंदेश्वर मंदिर में सुबह रुद्राभिषेक शुरू हुआ। यहां सुबह से भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्तों ने शिवलिंग की पूजा की। शहर के प्राचीन मंदिर देवगुराडि़या में पूरे सावन माह में मंत्रों का जाप होगा। सोमवार को महाभिषेक होंगे। इस प्राचीन मंदिर में सावन माह शुरू होते ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी है। मंदिर के बाहर बेलपत्र, फूलों की दुकानें सजने लगी हैै। धार रोड स्थित धरावरा धाम में सावन माह में अखंड रामायण पाठ होगा। हर दिन महादेव का पूूजन व अभिषेक होगा। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शाही सवारी भी निकलेगी।

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प्राचीन मंदिरों में विशेेष पूजन

इंदौर में देवगुराडि़या के अलावा देवी अहिल्याबाई द्वारा जीर्णोद्धार किए गए प्राचीन शिव मंदिर है। इंदौर का सबसे प्राचीन इंद्रेेश्वर मंदिर है। इस मंदिर के कारण शहर का नाम इंदौर पड़ा। यहां का शिवलिंग होलकरशासन काल से भी पहले स्थापित है। इसके अलावा भूतेश्वर महादेव मंदिर, बाणेश्वर मंदिर, पंचकुईया महादेव मंदिर प्रमुख है।

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