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Indore News: इंदौर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र की सलाह, अब कई चरणों में काम करेगा निगम
Tue, 01 Apr 2025 09:21 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 01 Apr 2025 09:21 AM IST
सार
Indore News: इंदौर ने लगातार 7 वर्षों तक स्वच्छता में नंबर 1 स्थान हासिल किया है, और अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इसे वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी अग्रणी बनाने की सलाह दी है।
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वायु प्रदूषण
- फोटो : Adobe stock
विस्तार
इंदौर में साल में 20 दिन से अधिक समय तक वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक जाने लगा है। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 पार तक जा रहा है और वायु प्रदूषक तत्व (पीएम ) की मात्रा 2.5 तक दर्ज हो रही है। इन सबके बीच पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी इंदौर को वायु प्रदूषण कम करने के लिए कहा है। निर्देशों के बाद अब इंदौर नगर निगम इस कार्य के लिए योजना बना रहा है जिसमें कई चरणों में काम किया जाएगा।
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अन्य शहरों से भी सीख लेना होगी
लगातार सात वर्षों तक स्वच्छता में नंबर वन स्थान आए इंदौर को अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यह सलाह दी है कि इंदौर को वायु प्रदूषण में भी देश में अव्वल बनना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इंदौर को विदेशों के स्वच्छ शहरों का अध्ययन करना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि वहां सफाई के साथ-साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण पर किस तरह काम किया गया।
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कई चरणों में होगा काम
आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अपर सचिव नरेश पाल गंगवार और अतिरिक्त निदेशक एन. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य इंदौर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों की प्रगति का आकलन करना और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक के बाद हमने तय किया है कि हम कई चरणों में इंदौर की वायु गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।
यह काम करेगा निगम
1. स्कूलों, सार्वजनिक और मालवाहक वाहनों को स्वच्छ ईंधन (सीएनजी/ईवी) अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
2. मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे शहर की सड़कें धूल मुक्त होंगी।
3. एटीएस (ऑटोमेटेड ट्रैफिक सिस्टम) और आरवीएसएफ (रीजनल व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) की व्यवस्था और भी अधिक बेहतर बनाएंगे।
4. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और भी बेहतर बनाएंगे। इसके माध्यम से कचरे के प्रभावी पृथकरण, प्रसंस्करण और निपटान की प्रक्रिया होती है। इससे वायु गुणवत्ता और भी बेहतर होगी।
5. खुले में कचरा जलाने की शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई होगी। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलेंगे।
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अन्य शहरों से भी सीख लेना होगी
लगातार सात वर्षों तक स्वच्छता में नंबर वन स्थान आए इंदौर को अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यह सलाह दी है कि इंदौर को वायु प्रदूषण में भी देश में अव्वल बनना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इंदौर को विदेशों के स्वच्छ शहरों का अध्ययन करना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि वहां सफाई के साथ-साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण पर किस तरह काम किया गया।
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कई चरणों में होगा काम
आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अपर सचिव नरेश पाल गंगवार और अतिरिक्त निदेशक एन. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य इंदौर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों की प्रगति का आकलन करना और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक के बाद हमने तय किया है कि हम कई चरणों में इंदौर की वायु गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।
यह काम करेगा निगम
1. स्कूलों, सार्वजनिक और मालवाहक वाहनों को स्वच्छ ईंधन (सीएनजी/ईवी) अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
2. मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे शहर की सड़कें धूल मुक्त होंगी।
3. एटीएस (ऑटोमेटेड ट्रैफिक सिस्टम) और आरवीएसएफ (रीजनल व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) की व्यवस्था और भी अधिक बेहतर बनाएंगे।
4. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और भी बेहतर बनाएंगे। इसके माध्यम से कचरे के प्रभावी पृथकरण, प्रसंस्करण और निपटान की प्रक्रिया होती है। इससे वायु गुणवत्ता और भी बेहतर होगी।
5. खुले में कचरा जलाने की शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई होगी। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलेंगे।
