{"_id":"67ead818a5134a95bb0e375f","slug":"indore-municipal-corporation-and-registration-department-broke-revenue-record-in-indore-collected-more-than-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: इंदौर में नगर निगम और पंजीयन विभाग ने तोड़ा राजस्व रिकॉर्ड, साढ़े तीन हजार करोड़ से अधिक जमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: इंदौर में नगर निगम और पंजीयन विभाग ने तोड़ा राजस्व रिकॉर्ड, साढ़े तीन हजार करोड़ से अधिक जमा
Tue, 01 Apr 2025 07:34 AM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Tue, 01 Apr 2025 07:34 AM IST
सार
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन निगम कार्यालयों में देर रात तक केश काउंटर खुले रहे। शाम 7 बजे तक कुल 980 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे और रात 12 बजे तक एक हजार करोड़ का लक्ष्य पार कर लिया गया।
विज्ञापन
पंजीयन विभाग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर में वित्तिय वर्ष खत्म होने तक सरकारी खजाने में खूब धन बरसा। नगर निगम के काउंटर देर रात तक खुले रहे। नगर निगम ने टैक्स में नया रिकार्ड बनाया है। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स कलेक्शन वित्तिय वर्ष में हुआ है। इससे अब विकास के कामों की राह आसान होगी। उधर इंदौर के पंजीयन विभाग में भी प्रदेश में सबसे ज्यादा कमाई की। सालभर में 2600 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ है। अंतिम दिन खजाने में करोड़ रुपये से ज्यादा आए।
यह खबर भी पढ़ें:बजरंग दल का थाने पर प्रदर्शन, युवती के लापता होने के बाद मचा हंगामा
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन निगम कार्यालयों में देर रात तक केश काउंटर खुले रहे। शाम 7 बजे तक 980 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे और रात 12 बजे तक एक हजार करोड़ का लक्ष्य पार कर लिया गया। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि यह निगम प्रशासन की सख्ती और जनता की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है।
विज्ञापन
निगम अधिकारियों की सक्रियता के चलते जलकर, संपत्ति कर सहित अन्य करों के रूप में यह ऐतिहासिक संग्रह हुआ। पिछले साल 785 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इस साल एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है। कर संग्रहण को सुगम बनाने के लिए डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन सेवाओं को प्रोत्साहित किया गया। इसका भी फायदा मिला है।
पिछले साल से 175 करोड़ ज्यादा का राजस्व
पंजीयन विभाग में सालभर में 26 सौ करोड़ का पंजीयन शुल्क जमा हुआ, हालांकि लक्ष्य तीन हजार करोड़ रुपये दिया गया था। पिछले साल की तुलना में इस साल 175 करोड़ रुपये ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने बताया कि देर रात तक पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्रियां होती रही। अंतिम दिन 21 सौ से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। प्रदेश भर में पंजीयन विभाग के कुल राजस्व 11,350 करोड़ का 22 प्रतिशत इंदौर से मिला है।
विज्ञापन
यह खबर भी पढ़ें:बजरंग दल का थाने पर प्रदर्शन, युवती के लापता होने के बाद मचा हंगामा
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन निगम कार्यालयों में देर रात तक केश काउंटर खुले रहे। शाम 7 बजे तक 980 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे और रात 12 बजे तक एक हजार करोड़ का लक्ष्य पार कर लिया गया। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि यह निगम प्रशासन की सख्ती और जनता की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है।
विज्ञापन
निगम अधिकारियों की सक्रियता के चलते जलकर, संपत्ति कर सहित अन्य करों के रूप में यह ऐतिहासिक संग्रह हुआ। पिछले साल 785 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इस साल एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है। कर संग्रहण को सुगम बनाने के लिए डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन सेवाओं को प्रोत्साहित किया गया। इसका भी फायदा मिला है।
पिछले साल से 175 करोड़ ज्यादा का राजस्व
पंजीयन विभाग में सालभर में 26 सौ करोड़ का पंजीयन शुल्क जमा हुआ, हालांकि लक्ष्य तीन हजार करोड़ रुपये दिया गया था। पिछले साल की तुलना में इस साल 175 करोड़ रुपये ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने बताया कि देर रात तक पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्रियां होती रही। अंतिम दिन 21 सौ से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। प्रदेश भर में पंजीयन विभाग के कुल राजस्व 11,350 करोड़ का 22 प्रतिशत इंदौर से मिला है।
